
मावठे की बारिश से ईंटे गल कर मिट्टी बनी 400 भट्ठे पर 10 करोड़ का नुकसान इधर खाचरोद नगर में भी भट्ठे पर हुआ लाखों रुपए का हुआ नुकसान
*मावठे की बारिश से ईंटे गलकर मिट्टी बनी, 400 भट्टों पर 10 करोड़ का नुकसान*
*उज्जैन/गिरधारी लाल गेहलोत जन जन आवाज की खास रिपोर्ट*
प्रति ईंट भट्टे पर 50 हजार ईंटे खराब, मौसम खुलने तक मजदूरों को भी नहीं मिल पाएगी मजदूरी
खाचरोद नागदा में मावठे की बारिश ने मात्र किसानों के मुहं से ही निवाला नहीं छीना है, बल्कि ईंट भट्टा कारोबार में भी खासा नुकसान किया है। ईंट भट्टे पर लगभग ईंटों को पकाने की तैयारी चल रही थी। इस बीच ही मावठे की लगातार बारिश से ईंटे गलकर दोबारा मिट्टी बन गई है। ऐसे में सीधे रुप से कारोबारियों को खासा नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर इन भट्टों पर कार्य करने वाले मजदूरों को भी अब मौसम खुलने तक मजदूरी नहीं मिल पाएगी।
ईंट भट्टा संचालक भवानीसिंह देवडा ने बताया क्षेत्र में लगभग 400 भट्टों का संचालन होता है। प्रति ईंट भट्टे पर 50 हजार ईंट बनकर तैयार थी, जिन्हें पकाने के लिए भट्टा तैयार किया जाने वाला था मावठे की बारिश होने पर इन्हें सुरक्षित करने की कोशिश भी की गई, परंतु तीन दिन से जारी बारिश ने ईंटों का मिट्टी बना दिया। ऐसे में प्रति ईंट भट्टा कारोबारियों को 50 हजार ईंटों का नुकसान हुआ है। प्रति ईंट 5 रुपए भी जोड़ा जाए तो प्रति ईंट भट्टा संचालक को ढाई लाख रुपए का नुकसान हुआ है। यानि 400 भट्टों पर यह नुकसान का आंकड़ा सीधे 10 करोड़ पहुंच जाता है। हालांकि यह आंकड़ा और अधिक है, क्योंकि नगरीय निकाय सीमा के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के भट्टों को जोड़ा जाए तो लगभग 1 हजार से अधिक भट्टे संचालित होते है। देवड़ा ने बताया कि वर्तमान में बाजार में मांग अनुसार ईंट की आपूर्ति करना चुनौती रहेगा, क्योंकि सीजन के मात्र 2 माह ही शेष बचे है। वहीं मौसम खुलने तक मजदूर भी घर बैठे रहेंगे। इससे उनके सामने भी मजदूरी नहीं मिलने की समस्या बनेगी।इधर
खाचरोद नगर में भी हो रही अचानक भारी वर्षा से यहां के ईट भट्टाव्यवसाय कुमार समाज के जगदीश प्रजापति ने बताया कि लाखों रुपए का नुकसान कच्चीईट पानी में गलनेसे हो गया है प्रशासन से मांग करते हैं कि ईद फोटो का जल्द से जल्द सर्वे कराकर इस सहायता देने की कृपा करें।