फतेहपुर शेखावाटी की पावन धरती पर सम्पन्न इस विवाह ने सच में एक नई सोच को जन्म दिया है
आज समाज के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण 🙏
फतेहपुर शेखावाटी की पावन धरती पर सम्पन्न इस विवाह ने सच में एक नई सोच को जन्म दिया है।
लड़की पक्ष के पिता विनोद गौड़ (फतेहपुर) और लड़के पक्ष के पिता सुनील जी दयाल (रतनगढ़) ने मिलकर समाज को एक ऐसी मिसाल दी है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
दूल्हे राहुल के परिवार ने दहेज के नाम पर केवल ₹1 और एक नारियल स्वीकार किया।
न कोई लालच, न कोई मांग, न कोई दिखावा — सिर्फ संस्कार, सम्मान और सच्चे रिश्तों की नींव।
₹2,50,000 का कटोरा और अन्य लेन-देन को ठुकराकर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि बेटी कोई बोझ नहीं, बल्कि दो परिवारों को जोड़ने वाली पवित्र कड़ी है। आज जब दहेज जैसी कुप्रथा कई परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ रही है, ऐसे में यह विवाह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
✨ कुर्ता बंद (समापन संदेश) ✨
यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि एक सशक्त विचार की जीत है।
यह संदेश देता है कि यदि सोच बदल जाए, तो समाज बदलने में देर नहीं लगती।
👉 दहेज का त्याग ही सच्ची प्रगति है।
👉 सादगी ही सबसे बड़ा आभूषण है।
👉 सम्मान और संस्कार ही रिश्तों की असली पूंजी हैं।
ऐसी प्रेरणादायक पहल के लिए दोनों परिवार बधाई के पात्र हैं।
समाज के जागरूक नागरिक के रूप में इस शुभ अवसर पर शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ —🌹
प्रमोद जगदेव, फतेहपुर वर्तमान जयपुर 🙏