महिला एवं बाल विकास विभाग, सोनहत में गंभीर लापरवाही रजौली और भैंसवार सेक्टर में सुपरवाइजर की अनुपस्थिति से बच्चों के पोषण पर संकट
महिला एवं बाल विकास विभाग, सोनहत में लापरवाही की शिकायत सोनहत विकासखंड के अंतर्गत संचालित महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना में कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। *ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि परियोजना के अंतर्गत आने वाले कई आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्यवेक्षण कार्य नियमित रूप से नहीं हो रहा है।* *विशेष रूप से भैसवार और राजौली केंद्रों में सुपरवाइजर के नियमित निरीक्षण पर सवाल उठाए गए हैं।* ग्रामीणों का कहना है कि सुपरवाइजर समय पर केंद्रों का दौरा नहीं करतीं, जिससे योजनाओं के संचालन और लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कई बार इस विषय में शिकायत भी की गई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। प्रशासन ने लिया संज्ञान इस संबंध में जब जिला प्रशासन एवं परियोजना अधिकारी से चर्चा की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। *परियोजना अधिकारी ने कहा कि जिन सुपरवाइजरों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है,* *उनके खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।* ग्रामीणों की मांग *ग्रामीणों ने मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए,* ताकि महिलाओं और बच्चों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। साथ ही दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासनिक आश्वासन जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से अमल में आता है। *अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि क्या वास्तव में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कदम उठाया जाएगा या फिर मामला आश्वासन तक ही सीमित रहेगा। महिला बाल विकास विभाग जिला कोरिया छत्तीसगढ़ खबर/ जन जन की आवाज