
असम ढोलकोबा–सोनाजुली संपर्क मार्ग पर अब तक पक्का पुल नहीं बनने से जनता में भारी रोष, विधायक कृष्ण कमल तांती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
असम ढोलकोबा–सोनाजुली संपर्क मार्ग पर अब तक पक्का पुल नहीं बनने से जनता में भारी रोष, विधायक कृष्ण कमल तांती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
असम रंगापाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक कृष्ण कमल तांती के खिलाफ स्थानीय जनता का गुस्सा खुलकर सामने आया है। ढोलकोबा–सोनाजुली संपर्क मार्ग पर पिछले कई वर्षों से पक्का पुल का निर्माण नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर आज ढोलकोबा और सोनाजुली क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए “कृष्ण कमल तांती गो बैक” और “मुरदाबाद” के नारे लगाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में विधायक द्वारा इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। परिणामस्वरूप, ढोलकोबा के निवासियों को आज भी जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। कई वर्ष पूर्व इस मार्ग पर स्थित एकमात्र पुल बाढ़ के पानी में बह गया था। उसके बाद से अब तक वहां स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल पुल ही नहीं, बल्कि सड़क के पक्कीकरण के मामले में भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे छात्रों, मरीजों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार प्रशासन और विधायक को लिखित एवं मौखिक रूप से अनुरोध करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर पक्का पुल बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जनता का कहना है कि जिस जनप्रतिनिधि ने पांच वर्षों में उनकी बुनियादी समस्या का समाधान नहीं किया, उसे वे अब दोबारा नहीं चाहते।
स्थानीय लोगों ने आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा नेतृत्व से मांग की है कि कृष्ण कमल तांती के स्थान पर किसी स्थानीय योग्य और सक्रिय व्यक्ति को टिकट दिया जाए, जो क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को समझ सके और उनका समाधान कर सके। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि विधायक स्थानीय न होने के कारण क्षेत्र की जमीनी समस्याओं से पूरी तरह अवगत नहीं हैं और कुछ सीमित लोगों के प्रभाव में कार्य कर रहे हैं।
जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी वर्षों पुरानी मांगों को अब भी नजरअंदाज किया गया, तो वे आगामी चुनाव में अपना फैसला सुनाएंगे। फिलहाल ढोलकोबा–सोनाजुली क्षेत्र में पक्के पुल और सड़क निर्माण को लेकर जनाक्रोश चरम पर है।