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कार्यक्रम का उद्देश्य मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करना-प्रो मूर्ति मलिक

खानपुर कलां -20 फरवरी। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां के हिन्दी विभाग द्वारा विश्व मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में एक विस्तृत व्याख्यान एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करना तथा छात्राओं में भाषाई संवेदनशीलता एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. रामरती मलिक ने शिरकत की। अपने व्याख्यान में उन्होंने उत्तर आधुनिकता के विविध संदर्भों का विश्लेषण करते हुए इसके प्रमुख विचारकों— जीन फ्रेंकोइस ल्योटार्ड, मिशेल फ़ॉकल्ट,जैक्स डेरिडा तथा रोलैंड बार्थेस के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि उत्तर आधुनिकता पारंपरिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को चुनौती देती है और स्थापित आख्यानों को अस्वीकार करती है। डॉ. मलिक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय पौराणिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की सार्थकता को समझना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे जीवन में मानवीय मूल्यों को अपनाकर अपने व्यक्तित्व एवं समाज दोनों को समृद्ध बनाएं।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में एम.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा पूजा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, एम.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा टिंकू द्वितीय स्थान पर रहीं तथा एम.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा राखी ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायक मंडल की अध्यक्षता डॉ. रामरती मलिक ने की।

कार्यक्रम की अध्यक्षा व विभागाध्यक्ष प्रो मूर्ति मलिक ने छात्राओं को भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं सृजनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। प्रो मलिक ने कहा कि इस कार्यक्रम ने मातृभाषा के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा प्रदान की है ।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुकीर्ति ने किया। जबकि डॉ. कमल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. कुलदीप ने भी विश्व मातृभाषा दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

फोटो कैप्शन ;- 02 कार्यक्रम में अतिथियों के साथ अपने पोस्टर दिखाती प्रतिभागी छात्राएं।

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