प्रियंका गांधी के असम दौरे के दौरान आयोजित कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक :-
प्रियंका गांधी के असम दौरे के दौरान आयोजित कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक उस समय असहज मोड़ पर पहुंच गई, जब पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद सार्वजनिक रूप से उजागर होते दिखे। बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों की रणनीति तय करना और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देना था, लेकिन मंच से दिए गए कुछ वक्तव्यों ने अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बरनाली फुकन और प्रद्युत भूयां के भाषणों में संगठनात्मक निर्णयों, टिकट वितरण की संभावनाओं और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर अप्रत्यक्ष असहमति झलकी। वक्ताओं के समय निर्धारण और प्राथमिकता को लेकर भी असंतोष की चर्चा रही, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। सूत्रों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने बंद कमरे में नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराज़गी भी व्यक्त की। यह भी संकेत मिले कि प्रदेश इकाई में रणनीतिक दिशा को लेकर एकरूपता का अभाव है। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच स्पष्ट विभाजन की रेखाएं दिखाई दीं, जो आने वाले चुनावी दौर में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती हैं। हालांकि कार्यक्रम औपचारिक रूप से शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, परंतु राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के सार्वजनिक मतभेद विपक्षी दलों को कांग्रेस पर निशाना साधने का अवसर दे सकते हैं। अभी तक पार्टी हाईकमान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि चुनावी तैयारियों के बीच संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व समन्वय कांग्रेस के लिए निर्णायक कारक साबित होंगे।