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झालावाड़ के 5 कॉलेजों के 7 व्याख्याता अन्य जिलों में प्रतिनियुक्ति पर, यहां कक्षाएं खाली

जिले के 5 कॉलेजों में 7 व्याख्याता दूसरे जिलों में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि यहां के कॉलेजों में कक्षाएं खाली हैं। कॉलेज व्याख्याता के रूप में झालावाड़ जिले के कॉलेजों में इनकी नियुक्ति तो हुई, लेकिन राजनीतिक पहुंच से इन्होंने दूसरे जिलों में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। इसके चलते कई कक्षाएं तो ऐसी हैं जो बिना व्याख्याताओं के चल रही हैं।
भास्कर टीम ने जिले के कॉलेजों की पड़ताल की तो सामने आया कि सालों से इन व्याख्याताओं का वेतन झालावाड़ से ही उठ रहा है, जबकि यह दूसरे जिलों के कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं। ऐसे में सवाल तो यह उठता है कि जब कॉलेजों में पद स्वीकृत हैं और वेतन भी यहीं से उठ रहा है, तो स्टूडेंट्स को पढ़ाएगा कौन? 1. पीजी कॉलेज, झालावाड़ {बॉटनी के 6 व्याख्याताअें के पद, 4 रिक्त, 1 हनुमानगढ़ प्रतिनियुक्ति पर: राजकीय पीजी कॉलेज झालावाड़ में बॉटनी के 6 व्याख्याताओं के पद स्वीकृत हैं। इनमें से भी यहां 4 पद रिक्त चल रहे हैं, जबकि दो ही कार्यरत हैं। एक व्याख्याता को हनुमानगढ़ जिले में प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। नतीजा यह है कि बॉटनी के विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 2. गर्ल्स कॉलेज, झालावाड़ {होम साइंस व्याख्याता का वेतन यहां से उठ रहा , पढ़ा रहे जयपुर में: गर्ल्स कॉलेज मेंे होम साइंस के 3 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 2 व्याख्याता यहां कार्यरत हैं, जबकि 1 व्याख्याता जामडोली, जयपुर में सेवा दे रहे हैं। उनका वेतन तो झालावाड़ गर्ल्स कॉलेज से ही उठ रहा है, लेकिन कक्षा वह जामडोली, जयपुर में ले रहे हैं। जिले के इन कॉलेजों में दर्जनों पद स्वीकृत हैं, बजट भी जारी है, लेकिन शिक्षक दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं। स्थानीय छात्रों को न नियमित कक्षाएं मिल रही हैं, न विषय विशेषज्ञ। कॉलेज शिक्षा विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है कि क्या प्रतिनियुक्ति व्यवस्था मनमानी का जरिया बन चुकी है। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि जिन कॉलेजों से प्रतिनियुक्ति पर दूसरे जिलों में व्याख्याता गए वहां पर अब पद भी नहीं आ रहे हैं, क्योंकि इन कॉलेजों में पद तो प्रतिनियुक्ति वाले व्याख्याताओं के ही बोल रहे हैं, इसका सीधा का नुकसान वहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को उठाना पड़ रहा है। ^सही है कि जिले के कई व्याख्याता प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनके लिए आयुक्तालय में पत्र लिखे गए हैं। आयुक्तालय से ही कोई निर्णय हो पाएगा। वैसे आरपीएससी में नए व्याख्याता भी यहां आ रहे हैं। - रामकल्याण मीणा, प्राचार्य और नोडल अधिकारी कॉलेज 4. खानपुर कॉलेज {इकोनॉमिक्स की पढ़ाई बिना व्याख्याता, वेतन यहीं से उठ रहा: खानपुर कॉलेज में इकोनॉमिक्स का व्याख्याता नहीं है, जबकि वेतन यहीं से उठ रहा है। 2021 में इकोनॉमिक्स के व्याख्याता का स्थानांतरण दूसरे जिले में हो गया। वहां ज्वाइन कर लिया, लेकिन वेतन खानपुर कॉलेज से ही उठ रहा है। कॉलेज प्रशासन ने दो बार आयुक्तालय में पत्र भी लिख दिया। 3. बिरला कॉलेज, भवानीमंडी {अंग्रेजी के एकमात्र व्याख्याता को सवाई माधोपुर, कॉमर्स व्याख्याता जयपुर लगाया: राजकीय बिरला कॉलेज भवानीमंडी में अंग्रेजी के एकमात्र व्याख्याता को सवाईमाधोपुर और कॉमर्स में बीडीएम के व्याख्याता को जयपुर जिले में प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। इससे भवानीमंडी के बिरला कॉलेज में अंग्रेजी और कॉमर्स की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। 5. चौमहला कॉलेज {समाजशास्त्र और हिंदी विषयों में कोई शिक्षक नहीं, पढ़ाई बाधित: राजकीय कॉलेज चौमहला में समाजशास्त्र के दो पद स्वीकृत हैं। एक पद पहले से रिक्त है। दूसरे व्याख्याता ने 27 जुलाई 23 से किशनगढ़ के बोरड़ा में प्रतिनियुक्ति करवा रखी है। कॉलेज में समाजशास्त्र पढ़ाने वाला कोई नहीं है। यही हाल हिंदी का है। यहां एकमात्र व्याख्याता ने 16 मार्च 2024 से कानोता, जयपुर सरकारी कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। पीजी कॉलज, झालावाड़



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