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जनगणना -2027 का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता प्राथमिकता से पूर्ण करें - चंबल कमिश्नर

जनगणना-2027 का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करें — चंबल कमिश्नर

प्रथम चरण में मकान सूचीकरण व गणना 1 से 30 मई 2026 तक

भारत की जनगणना-2027 का कार्य प्रदेश स्तर पर प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में चंबल संभाग आयुक्त श्री सुरेश कुमार ने राजस्व अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता, सावधानी एवं समय-सीमा में त्रुटिरहित ढंग से संपन्न करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि जनगणना का प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित होगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में की जाएगी।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए ऐसे कर्मचारियों का चयन किया जाए, जो स्वस्थ हों, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित न हों, एक वर्ष के भीतर सेवानिवृत्त न होने वाले हों तथा जिनकी अन्य आवश्यक सेवाएँ प्रभावित न हों।

आयुक्त ने कहा कि जनगणना भारत के नागरिकों की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय विशेषताओं की जानकारी का सबसे बड़ा एवं विश्वसनीय सांख्यिकीय स्रोत है, जिसके आधार पर शासन की नीतियों एवं योजनाओं का निर्माण किया जाता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1872 से प्रारंभ हुई यह प्रक्रिया स्वतंत्रता के बाद की आठवीं तथा कुल मिलाकर 16वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी।

उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना-2027 में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्व-गणना पोर्टल (एसई पोर्टल), मोबाइल एप (एचएलओ एप) के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन एचएलबीसी वेब पोर्टल से तथा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी कार्य सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

जनगणना चुनाव के समान अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व : कलेक्टर

इस अवसर पर कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि जनगणना कार्य चुनाव के समान अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, इसलिए इसमें प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी, अनुशासन एवं सजगता आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, समन्वय एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाए तथा लंबे अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों को इस कार्य में शामिल न किया जाए।

कलेक्टर ने बताया कि प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण एकत्रित करेंगे। वहीं जनसंख्या गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास एवं प्रजनन संबंधी जानकारी संकलित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिले की 8 तहसीलों, 8 नगरीय क्षेत्रों एवं 847 ग्रामों में जनगणना कार्य संपादित किया जाएगा। प्रथम चरण के लिए जिला स्तर पर 7 अधिकारी, 14 चार्ज अधिकारी, 2 मास्टर ट्रेनर, 76 फील्ड ट्रेनर, 4574 प्रगणक एवं 770 पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी।

कार्यक्रम में भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर डॉ. रघुवंश मणी ने अधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं एवं पोर्टलों के उपयोग संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रशिक्षण जिला जनगणना अधिकारी, समस्त अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना सहायक, लोक सेवा केंद्र प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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