
जळगाव में पुलिस पेट्रोल पंप पर 1.33 करोड़ का अपहरण: PSI के खिलाफ मामला दर्ज।
पुलिस उपनिरीक्षक वाल्मीक वाघ फरार,
घटना की पूरी जानकारी :- जळगाव शहर के भास्कर मार्केट के पास स्थित पुलिस दल के दक्षता पेट्रोल पंप से करीब 1 करोड़ 33 लाख 752 रुपये का भारी अपहरण उजागर हुआ है। इस मामले में संदिग्ध पुलिस उपनिरीक्षक वाल्मीक मधुकर वाघ (उम्र 57, निवासी साईनगर, निमखेडी शिवार) के खिलाफ जिल्हापेठ पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज किया गया है। वर्तमान में वाघ फरार बताए जा रहे हैं, जिसकी तलाश के लिए विशेष टीमें रवाना कर दी गई हैं।
पुलिस दल के मानव संसाधन विभाग द्वारा संचालित भास्कर मार्केट के सामने वाले इस पेट्रोल पंप के दैनिक वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी पुलिस उपनिरीक्षक वाल्मीक वाघ को प्रबंधक के रूप में सौंपी गई थी। लेकिन उन्होंने पिछले दो से तीन महीनों से बैंक में राशि जमा नहीं की। पंप पर एकत्र रोख राशि को समय-समय पर बैंक में जमा करने के निर्देश प्रभारियों ने दिए थे, साथ ही रोख वही तथा जमा रसीद पुस्तिका दिखाने को कहा गया। हालांकि, हर बार वाघ ने बहाने बनाकर रिकॉर्ड दिखाने से टालमटोल की।
लेखा परीक्षा का खुलासा प्रारंभिक पूछताछ में वाघ द्वारा पिछले दो-तीन महीनों से बैंक में नियमित जमा न करने की बात सामने आई। इससे संदेह गहराने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत जांच के आदेश दिए। लेखापाल एस.आर. पलोड ने 1 अप्रैल 2025 से 9 फरवरी 2026 तक की अवधि का लेखा परीक्षण किया। इसमें कुल 4 करोड़ 93 लाख 73 हजार 686 रुपये की पेट्रोल बिक्री दर्ज हुई। लेकिन केवल 3 करोड़ 59 लाख 25 हजार 18 रुपये ही बैंक में जमा पाए गए; शेष 1 करोड़ 33 लाख 752 रुपये का अपहरण सिद्ध हुआ। जांच के दौरान पंप की तिजोरी में महज 1 लाख 96 हजार 219 रुपये मिले। बैंक जमा रसीदें व संबंधित कागजात उपलब्ध न होने से अपहरण का संदेह और पुष्ट हुआ।
कानूनी कार्रवाई और जांचइस मामले में प्रभारी संदीप पाटील ने जिल्हापेठ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर वाल्मीक वाघ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5) (लोकसेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) तथा धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आगे की जांच स्थानीय गुन्हे शाखा के पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड कर रहे हैं।
उठ रहे सवालपुलिस दल के पेट्रोल पंप से इतनी बड़ी राशि का अपहरण लंबे समय तक वरिष्ठों के संज्ञान में कैसे न आया? बैंक में नियमित जमा न होने पर समय रहते जांच क्यों नहीं हुई? ईंधन स्टॉक खरीद व बिक्री की पड़ताल कब होगी, ऐसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।