
मेले भारत की जीवंत परंपराओं और सामाजिक एकजुटता के वाहक है -राणावत
गंगरार 18फरवरी , "मेले भारत की जीवंत परंपराओं और सामाजिक एकजुटता के वाहक है"उक्त विचार पूर्व प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र सिंह राणावत ने प्रबंधकारिणी समिति श्री सारणेश्वर महादेव के तत्वाधान में आयोजित मेले के अंतिम व चौथे दिन समापन के अवसर पर बतोर मुख्य अतिथि व्यक्त किए । उन्होंने कहा कि मेले में पारम्परिक कला के प्रदर्शन के साथ साथ मनोरंजन के अवसर मुहैया होने व साथ ही सामाजिक मेलजोल में भी अभिवृद्धि होती है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे ब्लांक कांग्रेस अध्यक्ष परमेश्वर जाट, ब्लांक कांग्रेस अध्यक्ष अजा अजजा रमेश चंद्र रेगर, राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश संरक्षक मधुसूदन शर्मा पंचारिया, गंगरार प्रशासक प्रतिनिधि व दादू सेवक समिति अध्यक्ष बालकृष्ण शर्मा, गोवलिया ग्राम पंचायत प्रशासक सुखराज सालवी, सहाड़ा विधानसभा प्रभारी देवीलाल अहिर, शिक्षाविद रामलाल अहिर ने भी बतोर विशिष्ट अतिथि विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कपिल मोदी, बाबूलाल गुजराती, योगेन्द्र तेली सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक अशोक पोरवाल व ट्रस्ट अध्यक्ष सुरेश शर्मा, गोपाल कृष्ण चतुर्वेदी, योगेश कुमार जागेटिया, संपत गिरी गोस्वामी, धर्म नारायण शर्मा, राजेंद्र गालव, गोपाल शर्मा, भेरूलाल शर्मा, एवं भेरूलाल खटीक ने ऊपरना पहना स्वागत अभिनंदन किया। इस अवसर पर लक्ष्मी लाल पंचोली, चिरंजीवी लाल बरिया, गणेश लाल नोग्या, शिवकुमार शर्मा भीलवाड़ा , शिवलाल सुथार, गोपाल लाल गाडरी, मांगीलाल माली, रामलाल गाडरी, नंदराम गाडरी, हजारीलाल गाडरी, संतोष बालोटिया, रामप्रसाद शर्मा सहित समस्त ट्रस्ट की कार्यकारिणी व कार्यकर्ताओ का सम्मान भी किया गया। इधर मेले के चौथे व अन्तिम दिन मेलार्थियों की भारी भीड़ ने घरेलू आवश्यकताओ की वस्तुओ की खरीददारी हुई।वहीं दूसरी ओर भगवान भोलेनाथ के दर्शन, पूजा व अर्चना के लिए शारणेश्वर महादेव के मंदिर में श्रद्धालुओं की रेलमपेल भी रही। ट्रस्ट अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि मेला अवधि में ट्रस्ट के सौजन्य से समस्त दुकानदारों, डोलर ,चक्री व झूला आदि के स्वामियों को दोनों समय का भोजन निशुल्क मुहैया कराया गया। खबर लिखे जाने तक नीमच मध्यप्रदेश की आर्केस्ट्रा पार्टी "नाईस नाईट इवेंट" के कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियों के लिए रात्रि कार्यक्रम की तैयारियां जारी थी।