पंचायती राज विभाग में चौतरफा धांधली ने बिहार में रिकॉर्ड बना लिया है
एक अपील गृहमंत्री जी को समस्त बिहार में बेइमानी घूसखोरी बन्द करने के लिए अभी जो माहौल सम्राट चौधरी जी है का एक्शन है वह कारगर है ।
एक छोट सा उदाहरण
एक मुखिया को पंचायत के विकाश के लिए 5 से 7 करोड़ रुपए का प्रावधान है जिससे मुखिया 1 करोड़ का अपना घर बनाता है 2 करोड़ अपने परिजन के नाम से जमीन रजिस्ट्री करवाता है साल में 2 से 3 गाड़ी चेंज करता है कुछ पैसे मौज मस्ती में उतरते है
अंतिम में अपने गांव में एक सामुदायिक भवन बनवाता है जिसके लिए 4 नंबर ईंट (जिसको हाथ से मसल सकते हैं) मट्टी के जैसा सीमेंट और 12 बोरी गिट्टी में एक बोरी सीमेंट से छत ढलाई करता है आने वाले समय में जो लोग उसमें बैठे हों वो सब के मरे ये भी भला का काम है सरकार उसको भी 25 लाख रुपया देगी जो मरेगा उसके लिए भी सोच रहा है मुखिया
वैशाली जिला
पातेपुर ब्लॉक
रसुलपुर कावा गांव
एक सर्वेक्षण जरूरी है सभी पंचायत का
ये साले चोर सारे
मैं आपलोग के माध्यम से सरकार तक ये संदेश पहुंचना चाहता हूं हर वर्ष ऑडिट कराया जाए
और जमीनी स्तर पे निरीक्षण किया जाए
हर वर्ष बिहार से करोड़ों रुपया सरकार के पास वापस आ जाएगा