
लोकतांत्रिक व्यवस्था में समानता और संतुलन के साथ साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनहित लोककल्याण सर्वोपरि
कृष्ण कुमार पाठक खबरहलचल न्यूज
लोकतांत्रिक व्यवस्था में समानता और संतुलन बनाए रखने में संवैधानिक अधिकार संरक्षण संवर्धन विकास में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन के साथ लागू किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल सार है।
जनता के द्वारा जनता के लिए शासन जो जनमानस को सुचिता, अनुशासन शिक्षा, स्वस्थ, आवास, रोजगार सृजन की गारंटी योजना को आकांक्षाओं के अनुरूप नीति निर्धारण ही लोकतंत्र का मूल आधार है।
हमें अवसर की समानता के संसाधनों की समुचित व्यवस्था करते हुए प्रतिभागी परीक्षा में शामिल सभी प्रतिभागियों को समानता और संतुलन के साथ अंकों में सर्वोच्च अंक मापदंड लागू किया जाना चाहिए ।
जनहित में कृषि क्षेत्र, में औषधीय गुणों युक्त पौधा रोपण, उन्नतिशील बीजों को उपलब्धता के साथ साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण ग्राम पंचायतों में लागू किया जाना चाहिए जिससे स्वरोजगार योजना में सुधार लायी जा सकती है।
जातिगत आधार पर आरक्षण की व्यवस्था से उपर उठते हुए आर्थिक आधार पर श्रेणीकृत करते हुए लाभ का अवसर प्रदान करने की नीति लागू होना चाहिए।
कृष्ण कुमार पाठक
लेखक एवं पत्रकार