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पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस समिति (एपीसीसी) के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस समिति (एपीसीसी) के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने अपने इस्तीफे में संगठन के भीतर बढ़ते हस्तक्षेप, निर्णय प्रक्रिया में उपेक्षा और व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुंचने को मुख्य कारण बताया है। एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित अपने पत्र में बोरा ने लिखा कि उन्होंने पार्टी की कमान ऐसे समय संभाली थी जब लगातार चुनावी पराजयों के कारण संगठन गहरे संकट में था और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर चुका था। उन्होंने राज्यभर में लगातार दौरे कर संगठन को पुनर्जीवित करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एआईयूडीएफ से दूरी बनाना और भाजपा के खिलाफ व्यापक गठबंधन तैयार करना उनकी रणनीति का हिस्सा था, जिससे पार्टी को नई दिशा मिली। हालांकि, बोरा ने आरोप लगाया कि डीसीसी और बीसीसी अध्यक्षों की नियुक्ति तथा पंचायत चुनावों में उम्मीदवार चयन जैसे महत्वपूर्ण फैसले उनकी सहमति के बिना लिए गए, जिससे एपीसीसी अध्यक्ष की भूमिका केवल औपचारिक बनकर रह गई। बोरा ने कहा कि चुनावी प्रदर्शन के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया, जबकि उन्हें पूर्ण पर्यवेक्षण का अधिकार नहीं दिया गया था। उन्होंने यह भी लिखा कि निष्ठा और अनुशासन के बावजूद उन्हें संगठन में लगातार हाशिए पर रखा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वाभिमान और गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता, और वर्तमान परिस्थितियों में पार्टी के साथ आगे बढ़ना उनके लिए संभव नहीं है। उनका यह इस्तीफा 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले असम की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

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