उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ओबीसी समुदाय की लड़की थी जिनका नाम था करिश्मा वर्मा उनकी अच्छी नौकरी थी और वह अपनी शादी के लिए पैसे जुटा रही थी
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ओबीसी समुदाय की लड़की थी जिनका नाम था करिश्मा वर्मा उनकी अच्छी नौकरी थी और वह अपनी शादी के लिए पैसे जुटा रही थी जो लगभग 25- 30 लाख रुपए हो गए थे
उसकी बचपन की दोस्त शिवांगी जो दलित समुदाय से थी उसने किसी काम से उसे वह सारे 30 लाख रुपए उधार मांगे और बोली कि मेरे भैया एक महीने में तुझे वापस दे देंगे
लेकिन 8 महीने हो गए शिवांगी और उसके भैया तथा भाभी ने करिश्मा वर्मा को रुपए नहीं दिए
फिर जब करिश्मा वर्मा ने सख्ती से अपने रुपए वापस मांगे तब शिवांगी उसकी भाभी और उसके भैया ने करिश्मा वर्मा पर दलित एक्ट यानी एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवा दिया
अब इससे करिश्मा वर्मा डिप्रेशन में आ गई और जहर खाकर आत्महत्या कर लिया
अब आप सोचिए एससी एसटी एक्ट का कितना सदुपयोग इस देश में हो रहा है