
TET पर सुप्रीम कोर्ट सख्त — केंद्र से हलफनामा तलब
नई दिल्ली।
सर्वोच्च न्यायालय ने कक्षा 9 से 12 में पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य है या नहीं, इस पर केंद्र सरकार से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
अदालत ने साथ ही कंत्राटी शिक्षकों के वेतन समानता और सेवा शर्तों से जुड़े पुराने आदेशों को एक माह के भीतर लागू करने के निर्देश सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दिए हैं।
⚖️ कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई में केंद्र की ओर से कहा गया कि सभी शिक्षकों के लिए TET जरूरी है और Rehabilitation Council of India (RCI) प्रमाणपत्र भी अनिवार्य है।
लेकिन अदालत ने कहा कि समग्र शिक्षा योजना के दिशा-निर्देशों में TET को केवल कक्षा 1–8 के लिए स्पष्ट किया गया है, 9–12 के लिए नहीं।
कोर्ट ने साफ कहा—
“सिर्फ पत्र से नियम नहीं बदले जा सकते, इसके लिए कानून या नियमों में स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए।”
💰 कंत्राटी शिक्षकों पर सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि 21 जुलाई 2022 के आदेश के बावजूद वेतन समानता लागू नहीं हुई। इसलिए सभी राज्यों को एक महीने में हलफनामा देकर अनुपालन बताने का निर्देश दिया गया है।
🔜 आगे क्या?
अब केंद्र सरकार के हलफनामे के बाद इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
यह मामला विशेष और कंत्राटी शिक्षकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।