logo

श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के क्रम में मंगलवार को कथा के दूसरे दिन श्रद्धांलुओं की लगी भीड़।

श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के क्रम में मंगलवार को कथा के दूसरे दिन श्री गोकुल धाम से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित दिलीप कृष्ण भारद्वाज के श्रीमुख से भगवान शिव एवं माता पार्वती के पावन शिव विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वाचन किया गया। कथा के दौरान जैसे ही शिव विवाह का वर्णन प्रारंभ हुआ, पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया और श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कथावाचक पंडित दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने शिव बारात, देवताओं की उपस्थिति, माता पार्वती की कठोर तपस्या, भगवान शिव के वैराग्य स्वरूप तथा विवाह उपरांत उनके कल्याणकारी रूप का सजीव वर्णन किया। उन्होंने शिव-पार्वती विवाह को आदर्श दांपत्य, त्याग, प्रेम और समर्पण का प्रतीक बताते हुए गृहस्थ जीवन में संतुलन और संस्कारों का संदेश दिया।इससे पूर्व कथा के पहले दिन भगवान शिव की उत्पत्ति की कथा का वाचन किया गया था, जिसमें शिव के निराकार से साकार स्वरूप, सृष्टि के सृजन एवं संहार में उनकी भूमिका तथा भक्तों पर उनकी करुणा का विस्तार से वर्णन किया गया।कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे। साथ ही आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। “हर-हर महादेव” और “जय श्री राम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।आयोजन समिति ने बताया कि श्रीराम कथा का यह क्रम 16 फरवरी से 22 फरवरी तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का वाचन किया जाएगा

1
731 views