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PM मोदी बोले: भारत सिर्फ AI का उपभोक्ता नहीं बल्कि AI का निर्माता बनने की दिशा में काम कर रहा है, युवाओं को AI में अवसर मिलेगा।


1. उपभोक्ता से निर्माता बनने का दृष्टिकोण (From Consumer to Creator)
​प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत की विशाल आबादी और डेटा विविधता इसे AI के लिए दुनिया का सबसे बड़ा प्रयोगशाला (lab) बनाती है।
​आत्मनिर्भर भारत: भारत का लक्ष्य AI तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनना है।
​वैश्विक भूमिका: भारत न केवल अपनी ज़रूरतों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए AI समाधान (solutions) बनाना चाहता है।
​2. युवाओं के लिए अवसर और कौशल विकास (Opportunities for Youth)
​पीएम मोदी ने युवाओं को AI क्षेत्र में सबसे आगे रहने के लिए प्रोत्साहित किया:
​नौकरियों का सृजन: उन्होंने भरोसा दिलाया कि AI से नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि नए प्रकार के उच्च-गुणवत्ता वाले अवसर पैदा होंगे।
​स्किलिंग (Skilling): सरकार युवाओं को AI-सक्षम शिक्षा और कौशल प्रदान करने के लिए बड़े पैमाने पर पहल कर रही है ताकि वे AI के निर्माता बन सकें।
​3. भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप AI (AI for Indian Realities)
​पीएम मोदी ने कहा कि भारत का AI मॉडल 'समावेशी' (Inclusive) होना चाहिए:
​क्षेत्रीय भाषाएँ: भारतीय भाषाओं में AI टूल विकसित किए जा रहे हैं ताकि देश के हर कोने में तकनीक का लाभ मिल सके।
​प्रमुख क्षेत्र: कृषि (Agriculture), स्वास्थ्य (Healthcare), शिक्षा (Education), और MSME क्षेत्र में AI के उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
​4. इंडिया एआई मिशन (IndiaAI Mission)
​भारत सरकार ने AI के विकास के लिए 'इंडिया एआई मिशन' शुरू किया है। इसके तहत:
​सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक शक्तिशाली कंप्यूटिंग क्षमताएं (Compute Power) विकसित की जा रही हैं।
​स्टार्टअप्स को बढ़ावा: AI स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
​5. जिम्मेदार AI (Responsible AI)
​प्रधानमंत्री ने तकनीक के नैतिक उपयोग पर भी बल दिया:
​डेटा गोपनीयता (Data Privacy): AI समाधानों में भारतीयों के डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
​मानव-केंद्रित दृष्टिकोण: AI को मानव क्षमता को बढ़ाने वाला (Force Multiplier) होना चाहिए, न कि मानव के स्थान पर।

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