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​🔥 Yash Ji पूछता है: "वर्दी का फर्ज और परिवार का दर्द... कब सुनेगी सरकार?" 🔥

नमस्कार! मैं हूँ यश। आज सवाल उन जांबाजों के लिए है जो माइनस डिग्री तापमान में सीना ताने खड़े हैं, पर जिनका परिवार घर पर अकेला संघर्ष कर रहा है।
​CRPF के जांबाज हों या सरहदों पर तैनात फौजी भाई—इनकी जिंदगी सिर्फ 'देश सेवा' के दो शब्दों में सिमट कर नहीं रह सकती। आज हम दिल्ली की फाइलों से कुछ कड़वे सवाल पूछते हैं:
​1. 🌬️ 'प्राण-वायु (High Altitude) भत्ता'
​कश्मीर और लद्दाख की उन ऊंचाइयों पर जहां पीपल, नीम और बरगद जैसे ऑक्सीजन देने वाले पेड़ तक नहीं होते, वहां जवान भारी किट लेकर दौड़ता है। फेफड़ों पर पड़ने वाले इस दबाव और कम ऑक्सीजन वाली ड्यूटी के बदले 'ऑक्सीजन/प्राण-वायु भत्ता' क्यों नहीं मिलना चाहिए?
​2. 💔 'ममता-विछोह (Emotional Connect) भत्ता'
​सिविल सर्विस वाला शाम 5 बजे पत्नी के साथ शॉपिंग जा सकता है, बच्चों को पार्क ले जा सकता है। लेकिन हमारा जवान 7-8 महीने तक सिर्फ मोबाइल की स्क्रीन पर अपने बच्चे को बड़ा होते देखता है। इस मानसिक दूरी और अकेलेपन के लिए 'फैमिली डिस्टेंस अलाउंस' उनका हक है!
​3. 📱 'डिजिटल सखा (Video Call) भत्ता'
​आज फेसबुक, इंस्टाग्राम और वीडियो कॉल ही पति-पत्नी के बीच का एकमात्र पुल है। ड्यूटी की थकान के बाद जब जवान घर बात करना चाहता है, तो उसे महंगे डेटा पैक की चिंता क्यों हो? सरकार को विशेष 'डिजिटल कनेक्टिविटी भत्ता' देना ही होगा।
​4. 🛒 'होम सपोर्ट (परिवहन एवं सहायक) भत्ता'
​जब जवान सरहद पर होता है, तो घर का राशन लाना हो या बीमार मां को अस्पताल ले जाना—पीछे पत्नी अकेली होती है। सिविलियन की तरह जवान घर के कामों में हाथ नहीं बंटा पाता। इसलिए, घर के कामों में मदद और परिवार के आने-जाने के खर्च के लिए 'फैमिली लॉजिस्टिक्स भत्ता' मिलना चाहिए।
​5. 🏠 'त्याग सम्मान (Sacrifice) भत्ता'
​जवान की पत्नी सिर्फ 'पत्नी' नहीं, घर की गार्ड भी है और मैनेजर भी। पति की अनुपस्थिति में वह जो मानसिक बोझ उठाती है, उसके सम्मान में एक विशेष 'अर्धांगिनी भत्ता' लागू होना चाहिए।
​🇮🇳 विशेष फौजी शायरी:
​"वतन की मोहब्बत में हम खुद को तपाए बैठे हैं,
अपनों की खुशियाँ हम सरहद पर लुटाए बैठे हैं।
मत पूछो साहब! मोबाइल की स्क्रीन पर आंसू कितने गिरे,
हम वर्दी की आन के लिए हर रिश्ता दांव पर लगाए बैठे हैं।"
​🎤 यश जी का सीधा सवाल: "फेसबुक पर फोटो लाइक करना आसान है, पर क्या हम जानते हैं कि जिस जवान की फोटो हम लाइक कर रहे हैं, उसकी पत्नी घर का सामान अकेले कंधे पर ढो रही है? क्या फाइलों में बंद ये हक कभी जवानों की जेब तक पहुंचेंगे?"
​इस न्यूज़ को इतना शेयर करो कि तहलका मच जाए और हुक्मरानों के कानों तक यह गूंज पहुंचे!
​#YashJiPuchtaHai #CRPF #IndianArmy #JawanRights #JusticeForSoldiers #AIMAMedia

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