
हमीरपुर :मनरेगा में बड़ा खेल? एक फोटो से 10 मजदूरों की हाजिरी, दूसरी फोटो गायब – जिम्मेदारों पर सवाल
मौदहा (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत उरदना में चल रहे मनरेगा कार्य में गंभीर अनियमितताओं की आशंका ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनएमएमएस ऐप पर दर्ज विवरण के अनुसार “जलरोक बांध रामदास के खेत से बलेंदा पाल के खेत तक” कार्य में 16 फरवरी 2026 को 10 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई, लेकिन मौके से केवल एक ही ग्रुप फोटो अपलोड की गई है, जबकि नियमों के तहत दो समय की फोटो अनिवार्य होती है।
पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार पहली फोटो सुबह 10:37 बजे ली गई और दोपहर 1:08 बजे अपलोड की गई। फोटो अपलोड करने वाले मेट का नाम सोनी दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि दूसरी अनिवार्य फोटो “Not Uploaded” दर्शाई जा रही है, इसके बावजूद सभी 10 मजदूरों को “Present” दिखाया गया है।
❓ बड़े सवाल
जब दूसरी फोटो अपलोड नहीं हुई तो हाजिरी पूर्ण कैसे मानी गई?
क्या बिना दोनों टाइम-स्टैम्प फोटो के भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ेगी?
क्या यह फर्जी हाजिरी का मामला है?
जिम्मेदार अधिकारियों ने निगरानी क्यों नहीं की?
ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा कार्यों में लंबे समय से गड़बड़ियों की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति होती है। यदि डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था के बावजूद नियमों की अनदेखी हो रही है, तो यह सीधा-सीधा सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका को जन्म देता है।
🛑 जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, संबंधित मेट और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा यदि गड़बड़ी साबित हो तो वसूली की मांग की है।
मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में यदि इस प्रकार की लापरवाही या हेरफेर सामने आती है, तो यह न केवल योजना की साख पर सवाल है बल्कि गरीब मजदूरों के हक पर भी चोट है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।