
सरगुजा में 300 एकड़ शासकीय भूमि पर फर्जी पट्टा कांड, पटवारी निलंबित; वन समिति अध्यक्ष व पूर्व सरपंच पर सवाल
सरगुजा में 300 एकड़ से अधिक भूमि पर फर्जी पट्टा का आरोप, पटवारी निलंबित
उदयपुर/सरगुजा। जिले में शासकीय भूमि के फर्जी पट्टा वितरण का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 300 एकड़ से अधिक भूमि पर फर्जीवाड़ा कर पट्टे जारी किए गए हैं, जिसमें वन अधिकार समिति के अध्यक्ष, तत्कालीन सरपंच और पटवारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पहले मैनपाट परिक्षेत्र में फर्जी पट्टा का मामला उजागर हुआ था, वहीं अब उदयपुर क्षेत्र में मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से फर्जी पट्टा बनाकर भूमि बांटने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से भूमि पर खेती कर रहे वास्तविक कब्जाधारियों को पट्टा न देकर रसूखदारों और बाहरी लोगों के नाम पर खसरा नंबर जोड़ दिए गए।
जनदर्शन में हुई शिकायत, जांच की जानकारी नहीं
ग्रामीणों ने अक्टूबर माह में जनदर्शन के माध्यम से कलेक्टर को शिकायत सौंपी थी। मामला फिलहाल तहसील कार्यालय में जांचाधीन बताया जा रहा है, लेकिन शिकायतकर्ताओं को जांच अधिकारी और प्रक्रिया की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के तहत शिकायतकर्ता को जांच की प्रगति से अवगत कराना चाहिए।
पंचायत कर्मियों और बाहरी लोगों के नाम पर भी पट्टा
ग्रामीणों के मुताबिक, कई पंचायत कर्मियों, शासकीय कर्मचारियों और शहर में रहने वाले व्यक्तियों के नाम पर भी सैकड़ों एकड़ भूमि का फर्जी पट्टा बनाया गया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और वन समिति अध्यक्ष के परिजनों के नाम पर भी बड़े पैमाने पर भूमि दर्ज की गई है।
40 एकड़ जंगल भूमि का पट्टा
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि एक ही व्यक्ति के नाम पर लगभग 40 एकड़ जंगल भूमि का पट्टा बनाया गया है, जिसमें से 20 एकड़ घना जंगल क्षेत्र बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित परिवार को गांव में आए लगभग 20 वर्ष ही हुए हैं, ऐसे में इतने बड़े रकबे का पट्टा बनना अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
13 नामों पर शिकायत, 17 अन्य की जांच बाकी
ग्रामीणों ने 13 लोगों के नाम पर बने फर्जी पट्टों की शिकायत की है, जबकि 17 अन्य नामों की जांच अभी शेष बताई जा रही है। आरोप है कि जांच में लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
बैंक से लिया गया लोन भी सवालों के घेरे में
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जिन खसरा नंबरों पर फर्जी पट्टा बना है, उन पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से ऋण भी स्वीकृत कराया गया है। ऐसे में बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि बैंक की कार्यप्रणाली की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए।
पटवारी निलंबित
ग्राम पंचायत पेंडरखी के पटवारी दीपक पांडे को विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया है। उदयपुर तहसीलदार विकास जिंदल ने बताया कि प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर हल्का पटवारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।