logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के गृहस्थ जीवन के पिता विष्णु कुमार जैन बने.... मुनिश्री विष्णुसागर जी महाराज

झाँसी:- महानगर के मेडिकल कॉलेज गेट नं 2 के सामने स्थित श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र सांवलिया पार्श्वनाथ करगुंवाजी में मुनिश्री विश्वमित्रसागरजी जी महाराज के कुशल निर्यापक निर्देशन में मुनिश्री विष्णुसागर जी महाराज का समतापूर्वक समाधिमरण हुआ। गौरतलब है कि समाधिस्थ मुनिश्री विष्णुसागर जी महाराज, अजित कुमार जैन, भारत सरकार के पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, अनिल जैन एवं आध्यात्मिक जगत की महान कवयित्री श्रीमति सुधा जैन विदिशा के गृहस्थ जीवन के पूज्यनीय पिताजी थे। जो कि कई वर्षों पहले रेलवे से लोको पायलट के कार्य से सेवानिवृत हुए थे। उनका संपूर्ण जीवन आध्यात्मिकता से परिपूर्ण सरलता, सहजता एवं सौम्यता की प्रतिमूर्ति रहा। जिसके परिणाम स्वरूप ही जीवन के अंतिम दिनों में उनके यम सल्लेखना जैसे कठिन व्रत धारण करने की भाव हुए। अपने पिताजी की उत्कृष्ट भावना को देखते हुए उनके पुत्र प्रदीप जैन आदित्य ने उन्हें सर्वप्रथम सिविल लाइन स्थित श्री चंद्रप्रभु जिनालय के दर्शन कराएं तत्पश्चात करगुँवा जी के सांवलिया पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन कराएं। जहां उनके भाव अन्न जल एवं गृह त्याग करके यम सल्लेखना के हुए। परिवार और समाज के लोगों के द्वारा  पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागरजी महामुनिराज सहित दिगम्बर जैन आचार्यों एवं मुनियों को सूचना भेजी। जहां से उन्हें सल्लेखना हेतू आशीर्वाद प्राप्त हुआ। टीकमगढ़ से बाल ब्रह्मचारी सुखदा भैया जी एवं बाल ब्रह्मचारी प्रिंस जैन का आगमन हुआ। जिनके देखरेख में संबोधन आदि प्रारंभिक क्रियाएं चल रही थी। लेकिन उनका पुण्य इतना अधिक था कि परम सौभाग्य से झाँसी के दिशा में पदविहार करते हुए मुनिश्री विश्वमित्रसागरजी महाराज के मंगल सान्निध्य उन्हें प्राप्त हुआ। जिनके पावन कर कमलों से बीती शाम उन्होंने जैनेश्वरी मुनि दीक्षा धारण करके अपना कल्याण करते हुए रात्रि के समय समतापूर्वक समाधिमरण किया। जैसे ही उनके समाधि की सूचना नगर के श्रद्धालुओं और लोगों को प्राप्त हुई तो सुबह से ही अतिशय क्षेत्र करगुंवाजी में उनके अंतिम दर्शन के लिए दर्शनार्थियों का तांता लग गया। अंतिम डोला यात्रा में अपार जनसमूह उपस्थित रहा। समाधि स्थल पर पहुंचकर उनके गृहस्थ जीवन के परिजन बहु- बेटे श्रीमति सुधा - अजित जैन, रीता- प्रदीप जैन आदित्य, आशा - अनिल जैन अन्नू, बेटी - दामाद श्रीमति सुधा - विनोद चौधरी विदिशा, एवं नाती - पोते गरिमा - सौरभ, सूर्या, कु.सौम्या, गौरव जैन मैत्रीय, सौरभ जैन, सम्यक जैन, नेहा - पुनीत, राजीव, ज्योति, आकाश, विशेष, अजय, आलोक, अनूप, अभय ने विधि विधान पूर्वक अंतिम संस्कार की मांगलिक क्रियाएं संपन्न की। इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष अजित कुमार जैन, उपाध्यक्ष यूथप पिंकी सर्राफ, महामंत्री वरुण जैन, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी, बड़ा मन्दिर मंत्री सुनील जैनको, करगुंवा तीर्थ मंत्री संजय सिंघई, प्यावल मंत्री खुशाल जैन, ऑडिटर राजकुमार भंडारी, भगवान महावीर लोक कल्याण समिति के महामंत्री शैलेन्द्र जैन प्रेस, अखिल भारतीय विनिश्चय ग्रुप के अध्यक्ष राजीव जैन सिर्स, सुरेन्द्र जैन बक्सा, अशोक लाला, राजेंद्र प्रेस, मनोज सिंघई, दिनेश जैन डीके, अलंकार जैन, अनिल बाजा, अंकित सर्राफ, सौरभ जैन सर्वज्ञ, सचिन सर्राफ, प्रदीप वर्धमान ने समाधिमरण की अनुमोदना करते हुए अर्घ्य समर्पित किए।


5
5 views

Comment