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राजगढ़ में शिक्षा के नाम पर बड़ा खिलवाड़!

मिर्ज़ापुर ( राजगढ़ ) l-
CBSE बोर्ड परीक्षा से पहले ‘संस्कृत’ विषय का खेल, दर्जनों छात्रों का भविष्य संकट में**
राजगढ़।
हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला Central Board of Secondary Education (CBSE) की हाईस्कूल परीक्षा से जुड़ा है, जहां कथित रूप से स्कूल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
📚 पढ़ाया नहीं गया विषय, फॉर्म में भर दिया ‘संस्कृत’
सूत्रों के अनुसार, स्कूल में पूरे सत्र के दौरान संस्कृत विषय पढ़ाया ही नहीं गया। इसके बावजूद बोर्ड परीक्षा के फॉर्म में छात्रों के लिए संस्कृत विषय दर्ज कर दिया गया।
अब जबकि परीक्षा कल से शुरू हो रही है, छात्रों के पास न तो विषय की तैयारी है और न ही आधिकारिक पाठ्यक्रम की स्पष्ट जानकारी।
🎙️ प्रबंधक पर तानाशाही का आरोप
छात्रों का आरोप है कि जब वे समाधान की मांग लेकर स्कूल प्रबंधक के पास पहुंचे, तो उन्हें कथित रूप से कहा गया—
“जाओ परीक्षा दो, फेल हो या पास, मुझे कोई मतलब नहीं।”
इस बयान से छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।
❓ लापरवाही या सोची-समझी साजिश?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि:
क्या यह परीक्षा फॉर्म भरने में हुई गंभीर चूक है?
या बिना जानकारी के विषय बदलने की सोची-समझी कार्रवाई?
यदि विषय पढ़ाया ही नहीं गया, तो परीक्षा में उसे शामिल करना प्रशासनिक जिम्मेदारी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
👨‍👩‍👧‍👦 अभिभावकों की बढ़ी चिंता
परीक्षा से ठीक पहले उत्पन्न इस स्थिति ने दर्जनों छात्रों का भविष्य अधर में डाल दिया है। अभिभावकों का कहना है कि यदि तत्काल समाधान नहीं निकला, तो एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
⚠️ बड़ा सवाल
क्या शिक्षा विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा?
क्या जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई होगी?
और सबसे महत्वपूर्ण — क्या छात्रों का साल खराब होने से बचाया जा सकेगा?
फिलहाल, राजगढ़ के छात्र अनिश्चितता और चिंता के बीच परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार जारी है।

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