logo

आगामी 2026 असम विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है।

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और इसे चुनावी समीकरणों के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को भेजा है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया आना शेष है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। जानकारी यह भी सामने आ रही है कि भूपेन बोरा 20 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। यह संभावित कदम असम की राजनीति में बड़े राजनीतिक पुनर्संरेखण (realignment) के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में चुनावी तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं। कांग्रेस छोड़ने के तुरंत बाद भूपेन बोरा ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से पार्टी से जुड़ा पदनाम हटा दिया। इसे उनके संगठन से औपचारिक अलगाव का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह बदलाव राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। भूपेन कुमार बोरा का राजनीतिक सफर भी उल्लेखनीय रहा है। वे 2006 से 2016 तक बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक रहे। 24 जुलाई 2021 को उन्हें असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने राज्य में संगठनात्मक मजबूती और विपक्ष की भूमिका को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया था। अब उनके इस्तीफे और संभावित भाजपा में शामिल होने की अटकलों ने असम की राजनीतिक दिशा को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस घटनाक्रम का कांग्रेस संगठन, भाजपा की रणनीति और 2026 के चुनावी समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

3
25 views