वार्ड- 23 में कांटे की टक्कर, मुकाबला दिलचस्प*
रांची नगर निगम हिंदी पीढ़ी के वार्ड- 23 में इस बार चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर निवर्तमान पार्षद डॉ. शारदा खातून चौथी बार चुनाव मैदान में उतरी हैं। वह तीन बार जीत दर्ज कर चुकी हैं और अपने अनुभव को चुनावी मजबूती के रूप में पेश कर रही हैं। हालांकि, क्षेत्र के कुछ लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है कि नगर के हिसाब से विकास कार्य और बेहतर हो सकते थे।
वहीं दूसरी ओर फरहा नाज इस बार मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही हैं। उन्हें स्थानीय स्तर पर सक्रिय और समाज के बीच लगातार मौजूद रहने वाली प्रत्याशी माना जा रहा है। उनके समर्थकों का दावा है कि सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी और जनसंपर्क अभियान ने मतदाताओं को प्रभावित किया है।
दोनों पक्षों की ओर से प्रचार अभियान तेज है। मोहल्लों में बैठकें, घर-घर संपर्क और छोटे जनसंवाद कार्यक्रम लगातार हो रहे हैं। वार्ड में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं इस चुनाव के मुख्य मुद्दे बने हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीधी टक्कर के कारण मुकाबला बेहद करीबी हो सकता है। अब देखना यह है कि वार्ड-23 की जनता अनुभव को प्राथमिकता देती है या बदलाव के पक्ष में फैसला सुनाती है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इसी सीट की चर्चा जोरों पर है।
*सूत्रों के मुताबिक*