
मार्च में सियासी भूचाल के आसार: मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग की तैयारी, लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव
नई दिल्ली। देश की राजनीति में मार्च का महीना बेहद अहम साबित हो सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज कर दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया जा चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा। 9 मार्च से शुरू हो रहे सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दो संवैधानिक पदों—मुख्य चुनाव आयुक्त और लोकसभा अध्यक्ष—के खिलाफ एक साथ प्रस्ताव लाए जाने से अभूतपूर्व स्थिति बन सकती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 9 मार्च को जब संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी, तब सत्ता पक्ष और इंडिया ब्लॉक के बीच तनाव चरम पर पहुंच सकता है। लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष का आरोप है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक रणनीति बता रहा है।
गौरतलब है कि बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चला था। दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। ऐसे में आगामी दिनों में संसद का माहौल गरम रहने की पूरी संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आगामी चुनावी रणनीतियों और गठबंधन समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
अब सभी की नजरें 9 मार्च पर टिकी हैं, जब संसद में इस मुद्दे पर औपचारिक रूप से चर्चा शुरू होने की संभावना है। आने वाले दिनों में सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी संग्राम और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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