फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन*,
*22वा लैंप लाइटिंग एवं कैपिंग सेरेमनी का आयोजन
रांची :- ईरबा स्थित फ्लोरेंस कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, ईरबा में 22वा लैंप लाइटिंग एवं कैपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री, झारखण्ड सरकार) , विशिष्ट अतिथि – श्री मंजूर अहमद अंसारी एडवाइजर मेदांता हॉस्पिटल, रिजवान अंसारी उप प्रमुख ओरमांझी, कमिश्नर मुंडा जिला परिषद, श्रीमती जीनत कौसर-सेक्रेटरी, हाजी अब्दुर रज्ज़ाक एजुकेशनल सोसाइटी आदि उपस्थित थे इस अवसर पर मुख्य अतिथियों के द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज़ किया गया तथा नर्सिंग छात्रों को नर्सिंग कैप पहनाकर उन्हें नर्स का शपथ दिलाया गया इसके साथ साथ कॉलेज के प्रथम यूनिवर्सिटी टॉपर – एम० एस० सी० नर्सिंग द्वितीय वर्ष के प्रथम टॉपर सिसिलिया हेम्ब्रोम, द्वितीय टॉपर- सुशीला किस्कू, तृतीय टॉपर- सुचित्रा टोप्पो, एम० एस० सी० नर्सिंग प्रथम वर्ष के, प्रथम टॉपर – देबद्रिता गांगुली एवं कल्पना कन्दुलना, द्वितीय टॉपर – सबा अंसारी, तृतीय टॉपर – वर्षा कुमारी को सम्मानित किया गया तथा साथ ही साथ कॉलेज के छात्र एवं छात्राओं के द्वारा रंगारंग कार्यक्रम किया गया Iमुख्य अतिथि श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री, झारखण्ड सरकार* ने कहा फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के संस्थापक हाजी एहसान अंसारी के बताए हुए सिद्धांत पर ये संस्थान निरंतर आगे बढ़ रहा है . विपरीत परिस्थितियों में भी इस संस्थान ने शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन से कभी समझौता नहीं किया . यही वजह है कि झारखंड ही नहीं दूसरे राज्य के छात्र भी इस संस्थान में नामांकन लेने की ख्वाहिश रखते है . सेवा का मार्ग आसान नहीं होता , ये संघर्ष और त्याग का मार्ग है . कई बार ना चाहते हुए भी , समय की सीमा को लांघते हुए भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करना पड़ता है . इस संस्थान में बहुत सारे ऐसे गरीब परिवार के बच्चे नर्सिंग की शिक्षा ले रहें है , जिनके माता - पिता ने बहुत मुश्किल हालात में उन्हें यहां भेजा है . छात्रों को कड़ी मेहनत और लगन के साथ अपने परिवार के सपनों को साकार करना है . राज्य में संवेदनशील सरकार है और मेडिकल के क्षेत्र में जिस तरह की भी मदद की जरूरत हो , सरकार उसे जरूर पूरा करने का प्रयास करेगी
विशिष्ट अतिथि – श्री मंज़ूर अहमद अंसारी (एडवाइजर-मेदंता हॉस्पिटल), ने कहा कि मेरे देश की सभी नर्सों के लिए, मैं आपके पेशे के बारे में जानकर सम्मान और गर्व महसूस करता हूँ और आशा करता हूँ कि आप उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे । आपके अथक प्रयास और करुणा हर दिन अनगिनत व्यक्तियों के जीवन में गहरा बदलाव लाते हैं Iनर्सें चिकित्सा पेशे की गुमनाम हीरो हैं, जो ज़रूरतमंदों को अटूट समर्पण और करुणा के साथ देखभाल और आराम प्रदान करती हैं। उनके अथक प्रयासों पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन दूसरों के जीवन पर उनका प्रभाव अथाह है।श्रीमती जीनत कौसर-सेक्रेटरी, हाजी अब्दुर रज्ज़ाक एजुकेशनल सोसाइटी* ने कहा कि मरीजों की भावनाओं और जरूरतों को समझना और उनके प्रति दयालु होना। अपने काम और नैतिक मूल्यों के प्रति सच्चा और भरोसेमंद होना। मरीजों, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के साथ स्पष्ट रूप से संवाद करना। मुश्किल और तनावपूर्ण स्थितियों में शांत और संयमित रहना। आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और सही निर्णय लेना। स्वास्थ्य टीम के साथ मिलकर प्रभावी ढंग से काम करना। समय का पालन करना और पेशेवर मानकों को बनाए रखना। छोटी से छोटी बारीकियों पर ध्यान देना, जो रोगी की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। बदलती परिस्थितियों और कार्यभार के अनुसार ढलना। शारीरिक और भावनात्मक रूप से लंबी और थकाऊ शिफ्ट्स को संभालना। ये गुण एक नर्स को न केवल कुशल देखभाल प्रदान करने में मदद करते हैं, बल्कि मरीजों के साथ विश्वास का रिश्ता बनाने और एक सकारात्मक स्वास्थ्य सेवा वातावरण बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मौके पर निदेशक डॉ० शाहीन कौशर, डॉ० नाजनीन कौशर, , अबू नसर बहाउद्दीन अंसारी, प्राचार्या श्रीमती विनिशा बांसरियार] उप-प्राचार्य-बिक्रम मजुमदार, ज्योति ग्लोरिया, शोएब अख्तर, बिनीता खलखो, मनीषा वर्मा, वर्षा कुमारी, रेशमा लकरा, सुनीता कुमारी, कीर्ति शर्मा, अल्मा गीध, नीमा वंदना, रश्मि सोरेंग, यस्मिन जहाँ, जेनिफ़र शालिनी, शालुता संगीता, पल्लाबी पांजा, अनामिका लाकर, केया महतो, बिंदिया कुमारी, सुमाना सरकार, वाशु राठोर, लीना लकड़ा, मो० कलाम अंसारी, सादिक अंसारी, हाजी मंसूर अंसारी, प्रियातोश रंजन, शशि कुमार, आंचल सिंह एवं कॉलेज के सभी शिक्षकगण तथा कर्मचारीगण सहित अभिभावक एवं अन्य लोग उपस्थित थे I