मीडियाकर्मी रुचि तिवारी के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार
जाती पूछ कर कि शर्मनाक हरकत
रूचि तिवारी पर दिल्ली विश्वविद्यालय में हुआ हमला बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। एक महिला पत्रकार, जो UGC के नियमों से जुड़े प्रोटेस्ट को कवर करने गई थीं, उन्हें भीड़ ने घेर लिया। गला घोंटने की कोशिश की गई, कपड़े फाड़ दी गई, मारपीट की गई और जाति के नाम पर अपमानित किया गया – "ये ब्राह्मण है, मारो इसे" जैसे नारे लगाए गए। ये सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि: अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला
महिला सम्मान पर हमला
कैंपस में सुरक्षा की पूरी व्यवस्था पर सवाल
ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि कैसे जातिवादी घृणा और भीड़तंत्र बढ़ रहा है।
रुचि तिवारी जैसी बहादुर लड़कियां सच दिखाने निकलती हैं, लेकिन उन्हें ही निशाना बनाया जाता है। दोषियों को तुरंत सजा मिलनी चाहिए – चाहे वो किसी भी संगठन से जुड़े हों। पुलिस, यूनिवर्सिटी और सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी।