logo

देश की रक्षा में गंवाई सेहत, अब पेंशन के लिए सिस्टम से जंग: CRPF जवान दीपक शर्मा की आपबीती"

हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला (मई 2025 - फरवरी 2026)
​हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई जवान सेवा के दौरान किसी बीमारी या चोट (जैसे परेड या ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट) के कारण "अयोग्य" (Invalid) घोषित किया जाता है, तो उसे विशेष विकलांगता पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता।
​कोर्ट ने कहा कि अगर भर्ती के समय जवान फिट था, तो सेवा के दौरान हुई किसी भी विकलांगता को 'ड्यूटी से जुड़ा' (Attributable to service) माना जाना चाहिए।
​यह उन जवानों के लिए बड़ी राहत है जिन्हें बोर्ड आउट (Boarded Out) कर दिया जाता है और पेंशन देने में आनाकानी की जाती है।
​2. बोर्ड आउट होने पर मिलने वाले लाभ
​जब किसी CRPF जवान को मेडिकल बोर्ड द्वारा सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर 'बोर्ड आउट' किया जाता है, तो वे निम्नलिखित लाभों के हकदार होते हैं:
​विकलांगता पेंशन (Disability Pension): यह तभी मिलती है जब विकलांगता 20% या उससे अधिक हो और वह ड्यूटी के कारण हुई हो।
​विकलांगता ग्रेच्युटी (Disability Ex-Gratia): भारत सरकार के नियमों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान विकलांग होने पर एकमुश्त (Lump sum) राशि भी दी जाती है।
​समान राउंडिंग ऑफ (Rounding Off): अदालतों ने आदेश दिया है कि यदि विकलांगता 50% से कम है, तो उसे पेंशन गणना के लिए 50% ही माना जाए (Broadbanding benefits)।
​3. बच्चों की शिक्षा और कल्याण (2025-26 अपडेट)
​CRPF ने नवंबर 2025 और फरवरी 2026 की अधिसूचनाओं में स्पष्ट किया है कि:
​जो जवान मेडिकल आधार पर बोर्ड आउट हुए हैं, उनके बच्चे भी CRPF एजुकेशन फंड से मिलने वाली छात्रवृत्ति (Scholarship) के पात्र होंगे।
​उन्हें भी वही प्राथमिकता मिलेगी जो शहीद जवानों के बच्चों या सेवारत जवानों के बच्चों को मिलती है।
​4. सुप्रीम कोर्ट का रुख
​सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल के फैसलों में दोहराया है कि अर्धसैनिक बलों (CAPFs) के जवानों को मिलने वाली विकलांगता पेंशन कोई "खैरात" नहीं बल्कि उनका अधिकार है। यदि विभाग यह साबित नहीं कर पाता कि विकलांगता का ड्यूटी से कोई संबंध नहीं है, तो जवान को पेंशन देना अनिवार्य है।दीपक जी को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी चाहिए:
​RTGS/PPO चेक करें: सुनिश्चित करें कि उनके PPO (Pension Payment Order) में 'Disability Element' का जिक्र है या नहीं।
​प्रतिनिधित्व (Representation): यदि उन्हें केवल सर्विस पेंशन मिल रही है और डिसेबिलिटी पेंशन नहीं, तो उन्हें DIG, GC रांची को एक लिखित आवेदन (Medical Board की कॉपी के साथ) देना चाहिए।
​कानूनी सहायता: यदि विभाग मना करता है, तो वे 'सशस्त्र बल न्यायाधिकरण' (AFT) या हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं। वर्तमान में कोर्ट अर्धसैनिक बलों के जवानों के प्रति बहुत सहानुभूतिपूर्ण रुख रखते हैं।
​विशेष नोट: अगर उन्हें बोर्ड आउट हुए कुछ समय हो गया है और बकाया (Arrears) नहीं मिला है, तो वे ब्याज के साथ दावे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

11
860 views