
पत्रकारिता से पहले इंसानियत दौरा पड़ने पर तीन पत्रकारों ने तत्परता दिखाकर बचाई जान
पत्रकारिता से पहले इंसानियत — दौरा पड़ने पर तीन पत्रकारों ने तत्परता दिखाकर बचाई जान
नेठराना क्षेत्र में मानवता और साहस की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। पत्रकारिता से पहले इंसानियत को सर्वोपरि रखते हुए तीन पत्रकारों ने एक व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार गोगामेड़ी थाने के सामने नेठराना के ग्रामीण एकत्रित थे। इसी दौरान वहां बैठा एक व्यक्ति अचानक दौरा पड़ने के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन उसी समय मौजूद पत्रकार रणदीप (ठरकौ मीडिया), गुलशन सोनी (भादरा लाइव) और दयाराम ढील (सतरंगी संसार) ने हालत को संभालने की जिम्मेदारी उठाई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पत्रकार रणदीप जी ने तुरंत CPR देकर व्यक्ति को सामान्य करने का प्रयास किया। वहीं गुलशन सोनी ने तत्परता दिखाते हुए समय की अहमियत को समझा और बिना देर किए उसे अपनी निजी गाड़ी में अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। तीनों पत्रकारों ने मिलकर व्यक्ति को तुरंत गोगामेड़ी अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
यह घटना दर्शाती है कि सच्ची पत्रकारिता केवल खबर दिखाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, साहस और जिम्मेदारी निभाने का नाम है। क्षेत्रभर में इस मानवीय कार्य की सराहना हो रही है और लोग इन पत्रकारों की सजगता व सेवा भावना को सच्ची इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं।