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सरपंच पति द्वारा पत्रकारों को जान से मारने की धमकी, एसपी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले में पत्रकारों को मिली जान से मारने की कथित धमकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय पत्रकार दिनेश कुमार जायसवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ग्राम पंचायत करपी के सरपंच पति देवेंद्र नायक के विरुद्ध लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन चेक डैम कार्य में अनियमितताओं की खबर प्रकाशित करने के बाद उन्हें और उनके साथी पत्रकार सुनील टंडन को फोन पर गंभीर धमकियां दी गईं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत बरमकेला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत करपी में मनरेगा योजना के तहत चेक डैम का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को लेकर पत्रकार दिनेश जायसवाल एवं उनके साथी द्वारा समाचार प्रकाशित किया गया था।
समाचार प्रकाशित होने के बाद, आरोप है कि 12 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 9:45 बजे सरपंच पति देवेंद्र नायक द्वारा फोन कॉल किया गया। शिकायत पत्र में उल्लेख है कि कॉल के दौरान अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा गया कि “तुम लोगों ने मेरी छवि खराब की है, पंचायत में आकर मेरे काम की अच्छी खबर चलाओ, नहीं तो जान से मार दूंगा।”
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पत्रकारों को “घर से उठाकर जमीन में गाड़ देने” जैसी धमकी दी गई। साथ ही यह भी कहा गया कि चाहे किसी भी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि से शिकायत कर लो, “सब मेरे पक्ष में ही होंगे।”
राजनीतिक प्रभाव और आर्थिक हैसियत का हवाला
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बातचीत के दौरान कथित रूप से राजनीतिक प्रभाव और आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए दबाव बनाने की कोशिश की गई। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने स्वयं की संपत्ति और टर्नओवर का हवाला देते हुए भय उत्पन्न करने का प्रयास किया।
रिकॉर्डिंग होने का दावा
पत्रकार दिनेश जायसवाल का कहना है कि उक्त फोन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है, जिसे वे जांच एजेंसी को सौंपने के लिए तैयार हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कॉल डिटेल की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
एसपी कार्यालय में दिया गया ज्ञापन
पत्रकार द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि उनके या उनके साथी पत्रकार के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल
जिले में पत्रकारों के साथ हो रही घटनाओं को लेकर मीडिया जगत में चिंता व्याप्त है। कहीं पत्रकारों से मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं तो कहीं उन्हें धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने का वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा शिकायत प्राप्त कर जांच की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने की जानकारी मिली है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करने हेतु क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।
मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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