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मांडर के 34 स्कूलों में 10 दिनों से बंद मिड-डे मील, 5 हजार बच्चे प्रभावित


झारखण्ड-:मांडर। प्रखंड के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) चावल की कमी के कारण ठप पड़ गई है। पिछले करीब दस दिनों से 34 स्कूलों में एमडीएम बंद है, जिससे लगभग 5 हजार बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। नियमित भोजन नहीं मिलने से बच्चों को भूखे पेट पढ़ाई करने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार स्कूलों को 31 दिसंबर 2025 तक के लिए ही चावल उपलब्ध कराया गया था। शिक्षकों ने शेष अनाज से जनवरी तक किसी तरह भोजन व्यवस्था चलाई, लेकिन फरवरी की शुरुआत में भंडार खाली हो गया। इसके बाद कई स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनना बंद हो गया है।

कुछ विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बच्चों को चूड़ा या निर्धारित दिन पर अंडा देकर भोजन की कमी को आंशिक रूप से पूरा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन नियमित पका हुआ भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे योजना के संचालन और आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय स्तर पर अभिभावकों ने भी चिंता जताई है कि मध्यान्ह भोजन योजना बच्चों की उपस्थिति और पोषण से सीधे जुड़ी है। अब संबंधित विभाग से जल्द चावल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है, ताकि विद्यालयों में नियमित रूप से एमडीएम पुनः शुरू हो सके।

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