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जेफरी एपस्टीन के बारे में एक बहुत ही विस्तृत और सटीक सारांश

जेफरी एपस्टीन के बारे में एक बहुत ही विस्तृत और सटीक सारांश है, यह केस में दुनिया भर में अमीरों की सत्ता, यौन शोषण, और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता रहा है। आपने उनके बैकग्राउंड, क्राइम्स, 2008 की कंट्रोवर्शियल डील, 2019 की मौत (जिसमें सुसाइड की ऑफिशियल रिपोर्ट है लेकिन कंस्पिरेसी थ्योरीज़ बहुत मजबूत हैं), और उनके हाई-प्रोफाइल कनेक्शन्स (क्लिंटन, ट्रंप, प्रिंस एंड्रयू, गेट्स आदि) को अच्छे से कवर किया है। 2025-2026 में इस केस में काफी बड़ा अपडेट आया है। Epstein Files Transparency Act (H.R.4405) नवंबर 2025 में प्रेसिडेंट ट्रंप द्वारा साइन किया गया कानून बना, जिसके तहत अमेरिकी Department of Justice (DOJ) को एपस्टीन और घिस्लेन मैक्सवेल से जुड़े सभी अनक्लासिफाइड रिकॉर्ड्स पब्लिक करने थे। जनवरी 30, 2026 को DOJ ने एक बड़ी रिलीज़ की: कुल लगभग 3.5 मिलियन पेजेस (3 मिलियन+ अतिरिक्त) जारी किए गए। इनमें 180,000 इमेजेस और 2,000+ वीडियोज शामिल हैं। ये फाइल्स एपस्टीन की न्यूयॉर्क/फ्लोरिडा जांच, मैक्सवेल केस, उनकी मौत की जांच, और FBI की विभिन्न जांचों से आई हैं। सभी फाइल्स https://www.justice.gov/epstein पर सर्चेबल और डाउनलोडेबल फॉर्मेट में उपलब्ध हैं (हालांकि कुछ हिस्से प्रिविलेज/रेडैक्टेड हैं, जैसे अटॉर्नी-क्लाइंट प्रिविलेज या विक्टिम प्रोटेक्शन के लिए)। इस रिलीज़ से क्या निकला/चर्चा में रहा: एपस्टीन के कई हाई-प्रोफाइल लोगों से ईमेल्स, कम्युनिकेशन्स (जैसे एलन मस्क, बिल गेट्स, स्टीव बैनन, NFL ओनर आदि)।ट्रंप का नाम कई बार आया (कुछ एलिगेशन्स की लिस्ट में), लेकिन कोई नया क्रिमिनल लिंक नहीं साबित हुआ।घिस्लेन मैक्सवेल ने फरवरी 2026 में कांग्रेस कमिटी के सामने Fifth Amendment का हवाला देकर सेल्फ-इनक्रिमिनेशन से बचने की कोशिश की।कांग्रेस में अनरेडैक्टेड फाइल्स देखने की सुविधा दी गई, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में रेडैक्शन्स पर सवाल उठे (कुछ पावरफुल लोगों को प्रोटेक्ट करने के आरोप)।कुल 6 मिलियन पेजेस की बात थी, लेकिन अभी सिर्फ आधे से ज्यादा रिलीज़ हुए; कुछ एनालिसिस कहते हैं कि पब्लिक को सिर्फ 2% डेटा मिला है।नए चार्जेस की संभावना कम लग रही है (DOJ के अनुसार)।कई विक्टिम्स और एक्टिविस्ट्स अभी भी ट्रांसपेरेंसी की मांग कर रहे हैं, और कांग्रेस हियरिंग्स चल रही हैं (जैसे Les Wexner की डिपोजिशन)।यह केस आज भी “पावर का दुरुपयोग” और “न्याय की कमी” का सिंबल बना हुआ है।
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह!
🇾🇪✍️हरबंस सिंह एडवाइजर🙏🏻
शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन पंजाब
मोबाइल +918054400953

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