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“CISF शहरों की सुरक्षा में, CRPF जंगलों की जंग में — क्या नीति में भी होगा फर्क?”

🇮🇳 भारत में CISF बनाम CRPF
✍️ सुरक्षा के दो मजबूत स्तंभ, लेकिन चुनौतियाँ अलग
देश की आंतरिक सुरक्षा में CISF और CRPF दोनों बलों की भूमिका अहम है, लेकिन ड्यूटी, जोखिम और जीवन-शैली में बड़ा अंतर साफ दिखता है।
🔹 CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल)
कार्य क्षेत्र: एयरपोर्ट, मेट्रो, परमाणु संयंत्र, PSU
तैनाती: शहर व औद्योगिक क्षेत्र
जोखिम स्तर: अपेक्षाकृत कम
ड्यूटी: शिफ्ट आधारित
परिवार का समय: अधिक
ट्रांसफर: सीमित
स्वरूप: सुरक्षित + शहरी ड्यूटी
🔹 CRPF (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल)
कार्य क्षेत्र: नक्सल ऑपरेशन, आतंकवाद विरोध, दंगा नियंत्रण
तैनाती: जंगल, दुर्गम व संवेदनशील क्षेत्र
जोखिम स्तर: अत्यधिक
ड्यूटी: लंबे ऑपरेशन
परिवार का समय: बहुत कम
ट्रांसफर: बार-बार
स्वरूप: साहसिक + फील्ड ड्यूटी
💰 वेतन सच्चाई
दोनों बलों का मूल वेतन लगभग समान (₹40,000–₹47,000)
लेकिन CRPF जवान कहीं ज़्यादा जोखिम उठाते हैं, फिर भी अतिरिक्त लाभ सीमित हैं।
⚠️ बड़ा सवाल
क्या समान वेतन, असमान खतरे के साथ न्यायसंगत है?
📢 सरकार से अपेक्षित ठोस कदम
✅ 1. CRPF जवानों के लिए विशेष जोखिम भत्ता
नक्सल/आतंकी क्षेत्र में तैनाती पर अलग से हार्डशिप + रिस्क अलाउंस
✅ 2. परिवारिक सुविधाओं में सुधार
लंबे समय फील्ड में रहने वाले जवानों के लिए
परिवार क्वार्टर
बच्चों की शिक्षा सहायता
मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग
✅ 3. ऑपरेशन के बाद अनिवार्य रेस्ट पॉलिसी
हर बड़े ऑपरेशन के बाद फिक्स रेस्ट पीरियड
✅ 4. शहीद व घायल जवानों के पैकेज में वृद्धि
मुआवज़ा, नौकरी और पेंशन प्रक्रिया को तेज़ व पारदर्शी बनाया जाए
📰 निष्कर्ष (न्यूज़ लाइन)
CISF देश की संपत्तियों की सुरक्षा की रीढ़ है,
CRPF देश की आंतरिक शांति की ढाल।
दोनों सम्मान के हक़दार हैं — लेकिन CRPF को अतिरिक्त संरक्षण और सुविधाएँ अब ज़रूरी हैं।

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