logo

पीलीभीत: एम.आर. एसोसिएशन की देशव्यापी हड़ताल, लेबर कोड और उत्पीड़न के खिलाफ बुलंद की आवाज

पीलीभीत (12 फरवरी, 2026): अपनी विभिन्न लंबित मांगों और कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में आज पीलीभीत एम.आर. एसोसिएशन (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स) ने पूर्ण रूप से हड़ताल रखी। संगठन ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।
प्रमुख मांगें जिन पर रहा जोर:
एसोसिएशन ने सरकार के सामने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़ा रुख अपनाया:
लेबर कोड का विरोध: फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट को "गुलामी" करार देते हुए चारों मजदूर विरोधी लेबर कोड्स को तुरंत रद्द करने की मांग।
SPE एक्ट 1976: सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज (SPE) एक्ट 1976 को सख्ती से लागू करने की अपील।
निगरानी पर रोक: ई-गैजेट्स और डिजिटल माध्यमों से कर्मचारियों की जासूसी और निगरानी बंद करने की मांग।
जीएसटी और बजट: जीवन रक्षक दवाओं पर से जीएसटी हटाने और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जीडीपी का 5% हिस्सा आवंटित करने का प्रस्ताव।
कार्य स्वतंत्रता: सरकारी अस्पतालों में एम.आर. को कार्य करने की अनुमति देने और कार्यस्थल पर हर प्रकार का मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न बंद करने की मांग।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल:
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन प्रक्रिया के दौरान संगठन के अध्यक्ष हितेश शुक्ला ने नेतृत्व किया। उनके साथ सह-सचिव विकास गंगवार, दलजीत सिंह, आशीष दीक्षित, आशीष छेत्री, रवि कुमार, मिथुन गंगवार, नन्हें लाल वर्मा, उमेश वर्मा, सुभाष, अजय कुमार, आयुष तिवारी, सुनील कुमार और महेश राठौर सहित भारी संख्या में साथी उपस्थित रहे।
"हमारा संघर्ष केवल हमारे अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण कार्यप्रणाली के लिए है। सरकार को हमारी जायज मांगों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।" - संगठन प्रतिनिधि

21
290 views