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इस सर्दी कश्मीर में 50% वर्षा की कमी, जल और कृषि को लेकर बढ़ी चिंता

श्रीनगर, 12 फरवरी: कश्मीर में जारी सर्दी के मौसम के दौरान सामान्य से केवल 50 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है, जिससे घाटी भर में जल उपलब्धता, कृषि और बागवानी को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार वर्षा में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। लंबे समय से जारी शुष्क मौसम ने मैदानी इलाकों के साथ-साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों को भी प्रभावित किया है। वर्षा और हिमपात में कमी के कारण नदियों के जलस्तर और भूजल पुनर्भरण पर भी असर पड़ा है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह शुष्क स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में फसल उत्पादन, फल बागानों और पेयजल आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों और बागवानों ने मिट्टी में नमी की कमी के कारण संभावित नुकसान को लेकर चिंता व्यक्त की है।
अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और संभावित प्रभाव को कम करने के लिए जल प्रबंधन रणनीतियों की समीक्षा की जा रही है। मौसम विभाग भी किसी बड़े मौसमीय बदलाव पर नजर बनाए हुए है, जिससे क्षेत्र को राहत मिल सके।
वर्षा की यह कमी जलवायु परिवर्तनशीलता और इसके जम्मू-कश्मीर की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले व्यापक प्रभाव को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है।

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