देश के सृजनक समाज को पिछड़ा, दलित क्यों कब कैसे किसने बनाया ?
साथियो,
याद रखिए—
जो समाज जंगल बचाता है,
नदी चलाता है,
मछली से पोषण देता है,
और खनिज से राष्ट्र बनाता है—
वह समाज कभी पिछड़ा नहीं हो सकता।
उसे पिछड़ा बनाया गया,
ताकि उसके अधिकार छीने जा सकें।
आज समय है
इन कानूनों की समीक्षा की,
इन षडयंत्रों की पहचान की,
और सृजनक समाज के
पारंपरिक, संवैधानिक और नैसर्गिक अधिकारों
को पुनः स्थापित करने की।
हम दया नहीं माँगते,
हम अपना हक़ चाहते हैं।
हम पिछड़े नहीं हैं,
हम निर्माता हैं।
और जब निर्माता जागता है,
तो इतिहास करवट लेता है।
जागो निषाद जागो
वंजल पुत्र जागो,
*सकल सृजनक समाज* जागो।