logo

वेदांत 2.0 — अंतिम सूत्र ✦ ✍🏻 — अज्ञात अज्ञानी

वेदांत 2.0 — अंतिम सूत्र ✦

✍🏻 — अज्ञात अज्ञानी

मैंने सैकड़ों पुस्तकें लिखीं।
हजारों विचारों को शब्द दिए।
धर्म, दर्शन, शास्त्र, योग, विज्ञान — सबको देखा, परखा, जिया।
अंत में जो बचा — वही अंतिम सूत्र है।
सत्य लिखने से नहीं मिलता।
सत्य विश्वास से नहीं मिलता।
सत्य परंपरा से नहीं मिलता।
सत्य केवल जीने से प्रकट होता है।
जब तक खोज बाहर है — प्रश्न अनंत हैं।
जब जीवन स्वयं अनुभव बनता है — उत्तर समाप्त हो जाते हैं।
जीवन ही साधना है।
जीवन ही धर्म है।
जीवन ही ईश्वर है।
जो पाया जा सके — वह सत्य नहीं।
जो बनना पड़े — वह मुक्त नहीं।
जो दिखाना पड़े — वह ज्ञान नहीं।
जहाँ केवल जीना है — वहीं मौन है।
जहाँ मौन है — वहीं बोध है।
निष्काम कर्म कोई सिद्धांत नहीं,
बल्कि जीने की स्वाभाविक अवस्था है —
जहाँ कर्म ही आनंद है और फल की इच्छा समाप्त।
धर्म का बाजार आशा बेचता है।
गुरु भय और विश्वास का व्यापार करते हैं।
लेकिन सत्य कभी बिकता नहीं।
सच्चा ज्ञानी प्रचार नहीं करता —
उसका जीवन ही उसकी सुगंध है।
मैं कोई नया धर्म नहीं दे रहा।
मैं कोई नया भगवान नहीं बना रहा।
मैं केवल जीवन की प्रत्यक्षता की ओर संकेत कर रहा हूँ।
यदि कोई मेरे जीवन-सूत्र को चुनौती देना चाहता है —
मैं स्वागत करता हूँ।
क्योंकि सत्य को विरोध से भय नहीं होता।
चुनौती सत्य की अग्नि है।
जो इसे खारिज करेगा — वही तीसरी दृष्टि देगा।
और वही मेरे लिए सबसे बड़ा वरदान होगा।
मेरा अंतिम सूत्र:
जीवन को पूर्ण रूप से जियो।
क्योंकि जीना ही आनंद है।
जीना ही मुक्ति है।
जीना ही सत्य है।

Vedanta 2.0 — The Direct Science of Living Consciousness

8
123 views