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“तिहाड़ की दीवारों के पीछे सातवां दिन, बाहर उम्मीदों का सैलाब — राजपाल यादव के समर्थन में एकजुट हुआ बॉलीवुड, आज जमानत पर टिकी निगाहें”

नई दिल्ली | आनंद किशोर | अखंड भारत न्यूज़
“संघर्ष के दिनों में साया भी साथ छोड़ देता है, लेकिन जब दुआओं में असर हो, तो पूरा संसार फरिश्ता बनकर खड़ा हो जाता है” — यह पंक्तियाँ इन दिनों अभिनेता राजपाल यादव के जीवन पर सटीक बैठती हैं।
तिहाड़ जेल की खामोश दीवारों के पीछे राजपाल यादव को आज सात दिन हो चुके हैं। ₹9 करोड़ के चेक बाउंस मामले ने न सिर्फ एक कलाकार को, बल्कि उसके हँसते-खेलते परिवार को भी गहरे इम्तिहान में डाल दिया है। यह मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा हुआ बन चुका है।
इस कठिन दौर में राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव पहली बार मीडिया के सामने आईं। नम आँखों और काँपती आवाज़ में उन्होंने उन तमाम “फरिश्तों” का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने संकट की इस घड़ी में उनके परिवार का हाथ थामे रखा। राधा यादव ने कहा कि यह सहयोग उनके लिए सिर्फ मदद नहीं, बल्कि टूटते हुए हौसलों को जोड़ने वाली ताक़त है।
राधा यादव का यह आभार सीधे तौर पर फिल्म इंडस्ट्री की उस एकजुटता की ओर इशारा करता है, जिसने यह साबित कर दिया कि बॉलीवुड सिर्फ चकाचौंध नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में साथ खड़े होने की परंपरा भी है। सोनू सूद, मीका सिंह और गुरमीत चौधरी जैसे कलाकारों ने खुलकर आर्थिक सहायता और काम का भरोसा दिलाया है। वहीं सलमान खान, अजय देवगन और वरुण धवन जैसे बड़े सुपरस्टार्स ने भी राजपाल यादव के परिवार को पूरा समर्थन देने का संदेश भेजा है।
राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने भी पुष्टि की है कि फिल्म जगत की कई दिग्गज हस्तियों ने उनसे संपर्क किया है और हर संभव मदद के लिए वे “चट्टान की तरह” परिवार के साथ खड़ी हैं।
आज यानी 12 फरवरी राजपाल यादव और उनके चाहने वालों के लिए बेहद अहम दिन है। आज अदालत में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। परिवार के भविष्य के साथ-साथ करोड़ों प्रशंसकों की दुआएँ भी इसी फैसले पर टिकी हुई हैं। खास बात यह है कि फरवरी के अंत में राजपाल यादव के घर कुछ महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं, जिनके चलते परिवार को इस सुनवाई से बड़ी उम्मीदें हैं।
कानूनी उलझनों के बीच भी राजपाल यादव की कला और लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा है। ‘भूल भुलैया 2’ जैसी फिल्मों से दर्शकों को हँसाने वाले राजपाल यादव ने यह साबित किया है कि एक कलाकार को सलाखों के पीछे रखा जा सकता है, लेकिन उसकी काबिलियत और हुनर को नहीं।
आज पूरा देश बस इसी इंतज़ार में है कि कब उनका चहेता ‘छोटा पंडित’ जेल से बाहर आएगा और एक बार फिर अपनी कॉमेडी से लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाएगा।
✍️ सवाल पाठकों से:
क्या आपको लगता है कि राजपाल यादव के लिए बॉलीवुड की यह एकजुटता फिल्म इंडस्ट्री के बदले हुए ज़मीर की पहचान है?
आज की सुनवाई में राजपाल भाई के लिए आपकी क्या दुआएँ हैं?
अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर साझा करें। 🙏

— आनंद किशोर
ब्यूरो चीफ, अखंड भारत न्यूज़
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन (AIMA)

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