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आरटीओ विभाग में एजेंटों का बोलबाला, आमजन ठगी का शिकार...


*युवक शिकायत करने पहुंचा आरटीओ साहब क़े पास पहुंचा तो कहा थाने जाओ...*
सहारनपुर।
जनपद सहारनपुर के परिवहन विभाग (आरटीओ कार्यालय) में दलालों और कथित एजेंटों का बोलबाला लगातार बढ़ता जा रहा है। वाहन ट्रांसफर, नामांतरण, फिटनेस, आरसी रिन्यूअल और परमिट जैसे कार्यों के नाम पर भोले-भाले लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है, जबकि नियमानुसार ये कार्य निर्धारित सरकारी शुल्क पर ऑनलाइन प्रक्रिया से किए जा सकते हैं।
आरोप है कि जब आम नागरिक अपने वाहन से संबंधित दस्तावेज लेकर आरटीओ कार्यालय पहुंचते हैं, तो वहां बैठे अधिकारी उनके कागजों में बार-बार कमियां निकालकर उन्हें लौटा देते हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद आमजन का काम नहीं होता, जिससे वे मजबूर होकर कार्यालय परिसर में बैठे एजेंटों के पास जाने को विवश हो जाते हैं।
इन एजेंटों द्वारा सरकारी शुल्क से चार गुना तक अधिक रकम वसूली जाती है।
फीस कम, वसूली ज्यादा
नियमानुसार:
15 वर्ष पुरानी निजी कार की आरसी रिन्यूअल फीस: लगभग ₹5,000
20 वर्ष से अधिक पुरानी कार: लगभग ₹10,000
अन्य शुल्क: फिटनेस सर्टिफिकेट, ग्रीन टैक्स एवं लेट फीस
इसके बावजूद एजेंटों द्वारा ₹10,000 से ₹20,000 तक की वसूली किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
एजेंट का काम तुरंत, आम आदमी का नहीं
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिन दस्तावेजों में अधिकारियों द्वारा कमी बताई जाती है, वही दस्तावेज एजेंट के माध्यम से तुरंत स्वीकार कर लिए जाते हैं। इससे विभागीय कर्मचारियों और एजेंटों की मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है। कई मामलों में फाइलें “गुम” कर दी जाती हैं और लोगों को महीनों तक कार्यालय के चक्कर लगवाए जाते हैं।
ताजा मामला: वाहन ट्रांसफर के नाम पर ठगी और धमकी
ताजा मामला थाना कुतुबशेर क्षेत्र की नदीम कॉलोनी निवासी अज़ीम पुत्र शकील का है।
अज़ीम ने बताया कि उन्होंने अपनी कार संख्या UP-14 BE 3654 का ट्रांसफर कराने के लिए परिवहन विभाग परिसर में मौजूद व्यक्ति रज़ा उर्फ रहमान, जो स्वयं को आरटीओ विभाग का एजेंट बताता है, से संपर्क किया।
आरोप है कि रज़ा उर्फ रहमान ने वाहन ट्रांसफर के नाम पर कुल ₹12,000 की मांग की, जिसमें से ₹7,500 ऑनलाइन लेकर सभी मूल दस्तावेज जमा करा लिए। एक सप्ताह में कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन करीब 6 महीने बीत जाने के बावजूद न तो वाहन ट्रांसफर हुआ और न ही मूल दस्तावेज लौटाए गए।
गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
पीड़ित के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को जब वह परिवहन विभाग कार्यालय पहुंचकर स्थिति पूछने गया, तो आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इससे पीड़ित भयभीत और मानसिक रूप से प्रताड़ित है।
आरटीओ कार्यालय से नहीं मिली मदद
पीड़ित ने आरटीओ कार्यालय में लिखित शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि वहां से कोई सहायता नहीं मिली। अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “थाने में शिकायत करो, हम कुछ नहीं कर सकते।”
पीड़ित का कहना है कि जब एजेंट द्वारा लाई गई फाइलों पर आरटीओ कार्यालय से ही हस्ताक्षर और स्वीकृति होती है, तो फिर एजेंटों की जिम्मेदारी से विभाग कैसे इनकार कर सकता है।
चौकी में दी शिकायत
न्याय न मिलने पर पीड़ित ने परिवहन विभाग, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पुलिस चौकी में शिकायती पत्र देकर आरोपी रज़ा उर्फ रहमान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मांगें
पीड़ित ने मांग की है कि:
उसके मूल दस्तावेज तत्काल वापस दिलवाए जाएं
उससे ली गई ₹7,500 की राशि वापस कराई जाए
परिवहन विभाग परिसर में सक्रिय दलालों/एजेंटों पर सख्त कार्रवाई की जाए
पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह जिलाधिकारी, मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत करेगा

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