
नए नोटों की गड्डी के लिए घंटों इंतजार...10, 20 व 50 के नए नोट के लिए महिलाएं-बुजुर्ग तक लाइन में
शादियों का सीजन शुरू होते ही बाजार में नए नोटों की गड्डी की मांग अचानक बढ़ गई है। शगुन के लिफाफे हो या वर-वधू पर न्योछावर करने वाले हार, लोग कड़क नए नोटों के लिए शहर में गढ़ परिसर स्थित एसबीआई शाखा के बाहर सुबह 9 बजे से ही कतार में लगने लग गए। बैंक खुलने से पहले लोगों की लाइनें बैंक के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं, क्योंकि पूर्व में बैंक की ओर से बुधवार को फ्रेश नोटों की गड्डियों का वितरण करने की घोषणा की गई थी। इसी के चलते लोग बैंक खुलने के पहले ही आ गए। लाइनों में बुजुर्गों, महिलाओं से लेकर युवा तक अपनी बारी के इंतजार में डटे रहे।
इस दौरान व्यवस्था बिगड़ती बैंक प्रबंधक को पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में पुलिस ने लाइनें लगाकर लोगों को बैंक के अंदर भेजा तब जाकर लोगों को फ्रेश नोट की गड्डियां मिलने लगी। परेशानी यह है कि एक ही बैंक शाखा में फ्रेश नोट मिल रहे हैं। इनको निजी व सरकारी दोनों में वितरण करना शुरू किया जाए तो लोागों को आसानी से नए नोट मिल सकते हैं। डिजिटल युग में भी कैश का क्रेज : भले ही देश डिजिटल ट्रांजेक्शन में नंबर वन बन रहा हो, लेकिन शादियों में शगुन का मतलब आज भी कड़क नोट ही हैं। शादियों में पंडित जी की दक्षिणा हो या बहन-बेटियों का नेग, लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के बजाय लिफाफे में नए नोट देना ही पसंद करते हैं।
Aima media jhalawar