नवंबर में गाज़ियाबाद रहा भारत का सबसे प्रदूषित शहर, हवा रही ‘गंभीर’ श्रेणी में
नवंबर माह में उत्तर प्रदेश का गाज़ियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। पूरे महीने शहर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रही, जिससे आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, गाज़ियाबाद में पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों का स्तर सुरक्षित मानकों से कई गुना अधिक रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और पराली जलाने जैसे कारणों से प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ी।
प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रशासन द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाने की बात कही गई है, जिनमें निर्माण कार्यों पर नियंत्रण, पानी का छिड़काव और वाहनों की जांच अभियान शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त और दीर्घकालिक उपाय नहीं किए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।