
बिना नया आदेश दिखाए कट प्वाइंट बंद, गायघाट में टॉल प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल
गायघाट (मुजफ्फरपुर) ।
मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र स्थित मैठी टॉल प्लाजा के तीनों कट प्वाइंट को सात दिनों तक फ्री रखकर अचानक बुधवार तड़के फिर से बंद कर दिया गया। सुबह करीब तीन बजे मैठी चौक, बेरुआ कट और मैठी–पिलखी मार्ग स्थित हनुमान मंदिर कट पर बैरिकेडिंग कर नाकेबंदी शुरू की गई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि —
➡️ अगर कट प्वाइंट अवैध थे, तो सात दिन तक उन्हें खुला क्यों छोड़ा गया?
➡️ और अगर वैध थे, तो बिना नया आदेश दिखाए उन्हें अचानक बंद क्यों कर दिया गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि टॉल एजेंसी बदलते ही रास्ते खोले गए थे और लोग राहत में थे। लेकिन अब बिना किसी सार्वजनिक सूचना, बिना नया प्रशासनिक आदेश दिखाए रास्ते बंद कर दिए गए हैं। टॉल प्रबंधन ने सिर्फ जनवरी 2025 का पुराना आदेश दिखाया, जबकि हालिया कार्रवाई के लिए कोई नया निर्देश सार्वजनिक नहीं किया गया।
टॉल प्रबंधन का दावा है कि रास्ते खुले रहने से टॉल राजस्व को नुकसान हो रहा था। टॉल प्रबंधक अनूप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी और एनएचएआई के निर्देश पर फिर से नाकेबंदी कराई गई है और अब वाणिज्यिक वाहनों की अवैध आवाजाही पर सख्ती होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 20 किलोमीटर के दायरे के वाहन मालिकों को मासिक पास बनवाना होगा।
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ये कट प्वाइंट जनजीवन की जरूरत हैं — यहीं से किसान खेत जाते हैं, बच्चे स्कूल, मरीज अस्पताल और व्यापारी बाजार। रास्ते बंद कर देने से आम लोगों को कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ेगा।
प्रशासनिक समन्वय पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार राय ने साफ कहा कि उन्हें जिला प्रशासन से कोई सूचना नहीं मिली है। ऐसे में सवाल है कि आखिर किसके आदेश से और किस प्रक्रिया के तहत यह नाकेबंदी कराई गई?
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्पष्ट आदेश सार्वजनिक कर कट प्वाइंट खोलने या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन पर उतरेंगे।