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महिला पत्रकार ने लिखित में शिकायत कर ठाणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में कार्यरत एक महिला पुलिस कांस्टेबल पर कार्रवाई की मांग की

ठाणे जिले की एक महिला पत्रकार ने लिखित में शिकायत कर ठाणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में कार्यरत एक महिला पुलिस कांस्टेबल पर कार्रवाई की मांग की है। महिला पुलिस कांस्टेबल का दोष यह है कि वह बीनू वर्गिस उर्फ़ काला कौआ के झांसे में आ गयी है। वह काला कौआ की सभी अवैध गतिविधियों में शामिल हो रही है।महिला पत्रकार ने 4 फरवरी 2026 और 6 फरवरी 2026 को राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त को शिकायत कर महिला कांस्टेबल पर बॉम्बे पुलिस एक्ट- 1951 और द महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स 1979 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रति ABI (abinewz.com) के पास है।

शिकायत के अनुसार महिला कांस्टेबल इसके पहले महिला तक्रार निवारण कक्ष, ठाणे में कार्यरत थी। यहीं पर उसकी और बीनू वर्गिस उर्फ़ काला कौआ की पहचान हुई। आदतन बीनू वर्गिस उर्फ़ काला कौआ ने लंबा-लंबा फेंक दिया। बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद श्रीकांत शिंदे, पुलिस आयुक्त, उपायुक्त (अविनाश अंबुरे, महेश पाटिल, प्रशांत कदम आदि) और सहायक आयुक्त उसकी जेब में रहते हैं। वह उसे रातों-रात कांस्टेबल से सब-इंस्पेक्टर (PSI) बनवा सकता है। महिला कांस्टेबल उसके झांसे में आ गयी। दोनों का रोज़-रोज़ मिलना होने लगा। ऐसे में उसने काला कौआ के और लटके-झटके देखे। और ज़्यादा प्रभावित हो गयी। और ‘करीब’ चली गयी।


शिकायत पत्र के अनुसार महिला कांस्टेबल काला कौआ उर्फ़ बीनू वर्गिस के साथ रेस्टोरेंट, बीयर बार और हुक्का पार्लर में खुलेआम जाने लगी। काला कौआ के दोस्तों के साथ पार्टी करने लगी। इतना ही नहीं ठाणे से बाहर मंदिर में जाने पर काला कौआ स्थानीय पुलिस से VIP Treatment लेने लगा और महिला कांस्टेबल को अपनी बीवी बताने लगा।

महिला पत्रकार ने शिकायत पत्र में लिखा है कि बीनू वर्गिस उर्फ़ काला कौआ शहर में ब्लैकमेलर और हफ्ताखोर के रूप में बदनाम है। ऐसे में एक महिला पुलिस कांस्टेबल का उसके इतने ‘करीब’ जाना बहुत गलत है। पत्रकार ने मांग की है कि महिला कांस्टेबल का पहले EOW से तबादला करें, निलंबित करें, अनुशासनात्मक कार्रवाई करें और विभागीय जांच (DE) भी करें।

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