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एमआरपी से डेढ़ गुना वसूली, जिम्मेदारों ने साधा मौन तंबाकू उत्पादों की खुलेआम कालाबाजारी

लालसोट

पिछले करीब पखवाड़े भर से शहर सहित जिलेभर में सिगरेट, पान मसाला व तंबाकू उत्पादों की खुलेआम कालाबाजारी चल रही है। हालात यह है कि पुराने स्टॉक पर भी प्रिंट रेट (एमआरपी) से डेढ़ से दो गुना तक दाम वसूले जा रहे है। इससे जहां बड़े व्यापारी मुनाफा कमा रहे है, वहीं आम उपभोक्ता को मजबूरी में महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार 1 फरवरी 2026 से तंबाकू उत्पादों पर बढ़े टैक्स (40 प्रतिशत जीएसटी व नया सेस) की आड़ में बाजार में कृत्रिम कमी दिखाई जा रही है। नई दर का माल अभी बाजार में नहीं आया है, लेकिन थोक विक्रेता पुराने स्टॉक को भी नई दरों पर बेच रहे हैं। थोक व्यापारी फुटकर दुकानदारों को माल की कमी का डर दिखाकर मनमाने दाम वसूल रहे है। स्थिति यह है कि 95 रुपए एमआरपी वाली सिगरेट 110 से 115 रुपए में बेची जा रही है, जबकि पहले यही पैकेट थोक में 84 रुपए में मिलता था। इसी तरह 216 एमआरपी वाले 100 पाउच पान मसाला-तंबाकू के पैकेट के 330 से 410 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। 105 एमआरपी वाले 50 पाउच के पैकेट 230 रुपए तक में बेचे जा रहे है। पहले 10 रुपए की सिगरेट अब 15 रुपए में और 20 रुपए में चार पाउच मिलने वाले पान मसाले अब तीन में सिमट गए हैं।

फुटकर दुकानदारों ने बताया कि बिल मांगने या अधिक सवाल करने पर थोक विक्रेता माल देने से मना कर देते हैं। मजबूरी में उन्हें महंगे दाम पर माल खरीदना पड़ता है, जिससे ग्राहकों से विवाद और रोजगार पर असर पड़ रहा है। उपभोक्ता मामलों के जानकार एडवोकेट हरि प्रसाद योगी ने कहा कि एमआरपी से अधिक दाम लेना उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार है। ऐसे मामलों में अधिक वसूली गई राशि लौटाने के साथ क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान है। रोजाना लाखों की अतिरिक्त वसूली के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

दुकानदार को बिल देना होगा

जिला मुख्यालय पर जीएसटी सेन्ट्रल के सुप्रीडेन्ट एसआर मीना ने बताया कि चाहे माल पुराना हो, लेकिन उस पर एक फरवरी से नई रेट लागू हो चुकी है, चाहे माल पुराना हो, दुकानदार को बिल देना होगा, अब तक उनके पास कोई शिकायत भी नहीं मिली है, अवैध स्टॉक व ब्लैक कारोबार पर पुलिस भी कार्रवाई कर सकती है। कोई बिना टैक्स कोई सामान निकाल रहा है तो उस पर विभाग कार्रवाई करता है।

फैक्ट फाइल

क्षेत्रः लालसोट सहित जिला क्षेत्र

अवधिः पिछले करीब 15 दिन

उत्पादः सिगरेट, पान मसाला, तंबाकू

कारणः 1 फरवरी 2026 से बढ़ा टैक्स (40% जीएसटी नया सेस)

स्थितिः नए रेट का माल बाजार में नहीं, पुराने स्टॉक पर मनमानी वसूली

एमआरपी बनाम वसूली

सिगरेट पैकेट (एमआरपी ?95): वसूली ?110-115

100 पाउच पान मसाला/तंबाकू

दुकानदार को बिल देना होगा

जिला मुख्यालय पर जीएसटी सेन्ट्रल के सुप्रीडेन्ट एसआर मीना ने बताया कि चाहे माल पुराना हो, लेकिन उस पर एक फरवरी से नई रेट लागू हो चुकी है, चाहे माल पुराना हो, दुकानदार को बिल देना होगा, अब तक उनके पास कोई शिकायत भी नहीं मिली है, अवैध स्टॉक व ब्लैक कारोबार पर पुलिस भी कार्रवाई कर सकती है। कोई बिना टैक्स कोई सामान निकाल रहा है तो उस पर विभाग कार्रवाई करता है।

(एमआरपी 216): वसूली 330-410

150 पाउच पैकेट (एमआरपी 105): वसूली 230 रुपए तक

एक सिगरेटः 10 की जगह 15

पान मसाला: 20 में 4 की जगह 3 पाउच

कानूनी पक्ष

एमआरपी से अधिक दाम लेना उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अनुचित व्यापार
उपभोक्ता को अतिरिक्त वसूली की वापसी व क्षतिपूर्ति का अधिकार

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