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खबरहलचल न्यूज आत्मनिर्भर ग्रामपंचायत विकसित भारत की परिकल्पना साकार करने हेतु जागरुकता जरूरी...! कृष्ण कुमार पाठक

भारतीय संस्कृति संरक्षण संवर्धन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका कृषि क्षेत्र एवं उन्नतशील प्रजातियां के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए बागवानी, औषधीय गुणों युक्त पौधा रोपण कार्य ग्रामपंचायत में श्रमिकों को सुनिश्चित रोजगार गारंटी योजना मनरेगा श्रमिकों को मासिक आधार पर श्रेणीकृत कार्ययोजना प्राथमिक विद्यालय एवं स्वास्थ्य, पेयजल जल, स्वच्छता जलसंरक्षण सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने में निश्चित तौर पर उपरोक्त विषय पर सरकार के नीतिगत निर्णय को नकारा नहीं जा सकता है किन्तु धरातल पर उपरोक्त संसाधन विकास करने में सहायक जिम्मेदार अधिकारी एवं संस्थाएं को सुनिश्चित दृढ़ संकल्प से कार्यों का क्रियान्वयन आज भी धरातल पर उतारने के लिए जनमानस में जागरुकता के अभाव को नकारा नहीं जा सकता है।
स्वच्छता कूड़ा उठाने एवं जलनिकास गढ्ढे पोखरी पर अतिक्रमण एक ज्वलंत समस्या बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान से रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान भूमिका निभाई जा सकती है जिस तरह आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज हैं ठीक उसी प्रकार प्रत्येक जिले में भौगौलिक दृष्टिगत वैज्ञानिकों के द्वारा भूमि सर्वेक्षणों द्वारा औषधीय गुणों युक्त पौधा, सिंघाड़ा कमलगट्टा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों को आर्थिक समृद्धि करने में जागरुकता होगी वहीं प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय से राष्ट्रीय स्तर पर विकसित भारत की गति दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
परिवर्तनशील में प्रकृति ही नहीं मानवीय आदर्श संवेदना प्रेम कर्तव्य है प्रतिभा व्युत्पत्ति अभ्यास के आधार पर श्रेणीकृत करते हुए जनमानस में समाजिक समन्वय चेतना जागृत करते हुए समानता और संतुलन बनाए रखने हेतु संवैधानिक अधिकार संरक्षण संवर्धन विकास में विधायिका का महत्वपूर्ण योगदान ही स्वस्थ लोकतंत्र व्यवस्था का मूल आधार है जनमानस में जातिगत संवैधानिक अधिकार से उपर उठकर आर्थिक समानता मूलभूत सुविधाओं संसाधनों रोजगार सृजन शैक्षणिक संस्थानों में उच्च स्तरीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर शोध अनुसंधान का मसौदा तैयार करते हुए जनमानस में समाजिक समानता और संतुलन के बिना विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में काफी कठिन होगा।
गतिशीलता में लक्ष्य सिद्धि को प्राप्त करने के लिए बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग नहीं अपितु ज्ञान ज्योति को आत्मसात करते हुए चिंतन अध्ययन द्वारा लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।
हम सब मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ सुचारू रूप से आत्मसात करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्त करने में आपने प्रतिभा योग्यता अनुसार नागरिक उत्तरदायित्वों को सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़ाने का लक्ष्य ही विकसित भारत की संकल्प से समृद्धि की ओर बढ़ते जाने की जरूरत है।
भारतीय संस्कृति संरक्षण संवर्धन में झीलों का भी महत्व पर प्रकाश डालने की जरूरत।
कृष्ण कुमार पाठक
लेखक एवं पत्रकार

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