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चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया सरेंडर

नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस से जुड़े एक लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले में मंगलवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। यह मामला वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘आता पाता लापाता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से ₹5 करोड़ का ऋण लिया था।
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके बाद अभिनेता कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे। ऋण की अदायगी के लिए जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके चलते उनके खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। समय के साथ ब्याज और देरी के कारण बकाया राशि बढ़कर लगभग ₹9 करोड़ तक पहुंच गई।
हालांकि राजपाल यादव ने बीच-बीच में आंशिक भुगतान किया। वर्ष 2025 में उन्होंने लगभग ₹75 लाख की राशि चुकाई थी, लेकिन अदालत द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष रकम जमा नहीं कर पाए।
सरेंडर से पहले राजपाल यादव भावुक नजर आए। अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा,
“सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई और रास्ता नजर नहीं आता। यहां हम सब अकेले होते हैं, कोई दोस्त नहीं होता। इस संकट से मुझे खुद ही जूझना पड़ेगा।”
दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 फरवरी 2026 को राजपाल यादव की अंतिम समय-सीमा बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अब और राहत नहीं दी जा सकती तथा किसी भी व्यक्ति की सेलिब्रिटी हैसियत उसे कानून से ऊपर नहीं रखती। अदालत ने अभिनेता को तत्काल आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
करीब 15 वर्षों से चले आ रहे इस कानूनी मामले में राजपाल यादव का आत्मसमर्पण एक अहम मोड़ माना जा रहा है। यह मामला वित्तीय अनुशासन, कानूनी दायित्वों और अनुबंधों के पालन के महत्व को रेखांकित करता है।

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