
आजीविका मिशन या 'अत्याचार' मिशन? मैनेजर ने टारगेट के चक्कर में महिलाओं के हक पर डाला डाका, बिना सहमति बना दी लाखों की FD!
आजीविका मिशन या 'अत्याचार' मिशन? मैनेजर ने टारगेट के चक्कर में महिलाओं के हक पर डाला डाका, बिना सहमति बना दी लाखों की FD!
दित्यपाल राजपूत
टीकमगढ़
पलेरा:।।जनपद पंचायत पलेरा अंतर्गत ग्राम अलोपा में अवंतीबाई स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने आजीविका मिशन पर गंभीर आरोप लगाए। समूह की सदस्य रोशनी, ममता, किरण, मालती और द्रोपदी ने बताया कि आजीविका मिशन के मैनेजर मनोज जैन द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर, आफिस के बाबजूद उन्हें रोजाना करीब 25 किलोमीटर दूर पलेरा कार्यालय बुलाया जाता है। पिछले दस दिनों में यह सिलसिला जारी है, जिससे उनका समय बर्बाद हो रहा है और आने-जाने के खर्च बढ़ रहे हैं।
समूह की सदस्य ने बताया कि सहमति के बिना खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये की एफडी कर दी गई। महिलाओं ने लोन प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि ऋण समय पर चुका दिया गया, इसके बावजूद दोबारा ऋण प्रक्रिया करने के लिए उन्हें जोर दिया जा रहा है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि सहमति के बिना खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये की एफडी की गई, जिसकी उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई। प्रशासनिक खेवैये से आहत महिलाओं ने चेतावनी दी है, कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ और प्रताड़ना बंद नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से समूह से इस्तीफा दे देंगी।आजीविका मिशन के पत्राचार जो इन्होने अपने बचाव मे लिखे
जिसमे एक भी तथ्य सही नही है अवंतीबाई स्व सहायता समूह की महिलाओं अनुसार
1 20000 चक्रीय राशि जिक्र किया महिलाओं का कहना हमे जानकारी नहीं है
2 सीसीएल की जो राशि 150000 आयी थी उसमे मिशन मैनैजर ने चालाकी कर 100000 की एफडी बना दी और महिलाओं को जानकारी नही और इनका कहना है और महिलाओं को राशि देना नही चाहते जब आपकी चालाकी और आपके मैनैजर के टारगेट पूरा करने के लिए आपको एफडी बनाना जरुरी क्योकि गरीब महिलाओं को पैसों जरुरी आप समझते और एक बात जो महिलाओं ने ऋण एफडी बनाने के लिए लिया या अपने रोजगार स्थापित करने के लिए
2 और इन्होंने और इन्होंने कहा बार बार समझाने पर ऋण वापिस किया पर आप सबको बता दू 28/01 को फोन किया 29/01 सभी महिलाओं ने ऋण जमा कर दिया जो फोन डेटिल्स पता कर सकते हैं
3 नही समूह 2 ऋण के लिए आवेदन किया और नहीं कोई ऋण की मांग की बोतो अपनी मीठी बातों मे और इनको टारगेट नवीनीकरण का 150000 की एफडी बनाने शाखा प्रबंधक को दोनों के बीच कमीशन या जो भी तो उन्होंने कर लिया हा और इसके लिए ना कोई बैठक महिलाओं इहा तक उनसे उनकी राय भी नी ली गई एफडी बनना जरूरी है या नहीं
4 दूसरी बात के और सदस्यों को ऋण नही दे रहे अध्यक्ष सचिव तो 70/ प्रतिशत लोन की तो एफडी करादी अब 13 सदस्यों के दे और 7/8 दिन पलेरा आने पर ऋण देना अब उसके हिस्सा मे 6/7 हजार आयैगे जिसमे1/2 हजार किराया खर्च लग जायेगा तो उनका कहना हमे नही चाहिए कोई ऋण और इसी रवैया के कारण सबसे कम समूह और सदस्य है क्योंकि महिला सशक्तिकरण नही उनको परेशानीकरण करते हैं
6 और इनका कहना है बैक को बैठक लेना है तो बैंक को ऐ भी तो पूछना और बैठक करनी चाहिए के एफडी बनानी है या नही और लगातार सदस्य 4/5 बार पलेरा बैंक गये वहा भी तो बैठक हो सकती थी