
बंपर पैदावार का अनुमान, दो-तीन माह की सुस्ती के बाद आई तेजी
नई सरसों की आवक से लालसोट व मंडावरी की मंडियां हुई गुलजार
लालसोट
कृषि जिंस कारोबार के लिए प्रसिद्ध लालसोट व मंडावरी कृषि उपज मंडियां नई सरसों की आवक से एक बार फिर गुलजार हो गई है। बीते करीब दस दिनों से दोनों मंडियों में अगेती सरसों की आवक शुरू हो चुकी है, जो अब रफ्तार पकड़ने लगी है। लालसोट मंडी में आवक करीब दो हजार कट्टों तक पहुंच गई है, जबकि मंडावरी में यह आंकड़ा ढाई हजार कट्टों तक हो गया है। आढ़तियों की दुकानों के आगे सरसों की ढेरियां लगने लगी है।
आवक बढ़ने की उम्मीदः
मौसम साफ और धूप बनी रहने पर आगामी माह की शुरुआत में सरसों की आवक 20 हजार कट्टों तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल नमी अधिक होने से किसानों की उपज ढेरियों में रखकर बोली लगाई जा रही है। कारोबार में तेजी से आढ़तियों के साथ पल्लेदार भी उत्साहित नजर आ रहे है। किसानों और व्यापारियों का अनुमान है कि इस बार सरसों की बंपर पैदावार होगी, फसल में अब तक किसी रोग का असर नहीं है।
नहरों की सिंचाई से बेहतर उत्पादनः लालसोट व मंडावरी मंडियों में सरसों की मुख्य आवक लालसोट क्षेत्र के साथ सवाई माधोपुर जिले के बामनवास, बौली, मलारणा चौड़ और मलारणा डूंगर क्षेत्र से होती है। यह इलाका मोरेल बांध की नहरों की सिंचाई पर निर्भर है। बांध पूरा भरा होने से इस वर्ष भी अच्छी पैदावार का अनुमान है। गौरतलब है कि वर्ष 2024 में अधिक बारिश से सरसों की फसल को नुकसान हुआ था, जिससे उत्पादन व गुणवत्ता प्रभावित रही थी।
आवक 25 हजार कट्टों तक पहुंचेगी
ग्रेन मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण सौखियां, पूर्व अध्यक्ष नवल झालानी, जगदीश अग्रवाल और मंडावरी व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामजीलाल गांधी ने बताया कि आगामी 15 दिनों में सरसों की आवक 25 हजार कट्टों तक पहुंच सकती है। तेल की अधिक मात्रा के कारण यहां की सरसों का देश के कई प्रांतों में निर्यात होता है। मार्च माह में गेहूं, चना और सौंफ की आवक भी शुरू होगी।
खेतों में कटाई तेज
ग्रामीण क्षेत्रों में सरसों की कटाई जोर-शोर से जारी है। पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं किसान नेता नाथूलाल पटेल के अनुसार फिलहाल अगेती सरसों की कटाई हो रही है, जबकि 10 दिन बाद पछेती फसल की कटाई भी शुरू हो जाएगी। इसी माह कटाई कार्य पूरा होने का अनुमान है और मजदूरों की मांग बढ़ रही है
अच्छे दाम से किसान खुश
मंडियों में पहुंच रही नई सरसों में 10 से 15 प्रतिशत नमी होने के बावजूद किसानों को 5600 से 6400 रुपए प्रति क्विटल तक के दाम मिल रहे हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत अधिक हैं। बेहतर भाव मिलने से किसान सीधे मंडियों में उपज ला रहे हैं।