शामली में सर्व समाज की बैठक, यूजीसी रेगुलेशन 2026 व एससी-एसटी एक्ट पर गहन मंथन, अलंकार अग्निहोत्री का किया गया स्वागत
शामली जनपद में सर्व समाज के प्रबुद्ध लोगों द्वारा समाज को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विषयों—यूजीसी रेगुलेशन 2026 और एससी-एसटी एक्ट—को लेकर एक विचार-विमर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न सामाजिक, विधिक और बौद्धिक वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर नियमों व कानूनों के सामाजिक प्रभावों पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अलंकार अग्निहोत्री का उपस्थितजनों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बैठक में शामली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजपाल सिंह जी ने कानूनी दृष्टिकोण से विषय की व्याख्या करते हुए कहा कि किसी भी कानून या रेगुलेशन का उद्देश्य समाज में संतुलन, समानता और न्याय स्थापित करना होना चाहिए। समाजसेवी श्री ओमप्रकाश शर्मा जी ने कहा कि शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े निर्णयों में जनभावनाओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है। अखिल भारतीय भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष डॉक्टर उनेन्द्र शर्मा जी ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 के संभावित प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए। ब्राह्मण एकता महासभा के सदस्य पंडित प्रेम कोठारी जी ने समाज में संवाद और आपसी समझ को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों पर भी चर्चा करते हुए कहा कि कानून का दुरुपयोग रोकने के साथ-साथ वास्तविक जरूरतमंदों को न्याय मिलना भी उतना ही आवश्यक है। बैठक में यह सहमति बनी कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप समाधान ही आगे का रास्ता है। कार्यक्रम का समापन सामाजिक सद्भाव, शिक्षा सुधार और कानूनों पर रचनात्मक चर्चा को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ किया गया। लेख: ऋषभ पराशर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMA मीडिया युवा प्रकोष्ठ