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रॉयल कॉलेज ऑफ लॉ में भारतीय भाषा अभियान का भव्य आयोजन, मातृभाषाओं के संरक्षण पर जोर

अंतर्राष्ट्रीय भाषा दिवस के पखवाड़े से पूर्व रॉयल कॉलेज ऑफ लॉ, गाजियाबाद (मेरठ प्रान्त) में भारतीय भाषा अभियान के अंतर्गत एक भव्य एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और उनके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर आलोक शर्मा जी के विशेष प्रयासों से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्रीं राघवेन्द्र शुक्ल जी (क्षेत्रीय संयोजक) उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय चेतना की आत्मा बताते हुए कहा कि जब तक शिक्षा, न्याय और प्रशासन में भारतीय भाषाओं को समुचित स्थान नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक समावेशन पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी मातृभाषा पर गर्व करें और उसका प्रयोग सार्वजनिक जीवन में निर्भीक होकर करें।

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में प्रोफेसर आलोक शर्मा जी (दिल्ली विश्वविद्यालय) ने भारतीय भाषाओं की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की पहचान हैं। उन्होंने कानून, उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं के प्रयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना एडवोकेट भावेश बेनीवाल (मेरठ) द्वारा रखी गई, जिसमें उन्होंने भारतीय भाषा अभियान के उद्देश्यों और इसकी वर्तमान प्रासंगिकता को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर टीना गर्ग (प्राचार्या) द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को भाषाई आत्मविश्वास से जोड़ें।

विशेष सहयोग के रूप में एडवोकेट तरुण शर्मा जी एवं एडवोकेट दिव्या शर्मा जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और सुदृढ़ बनाया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं प्रेरणादायक चर्चा भी आयोजित की गई। समग्र रूप से यह आयोजन भारतीय भाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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